
बरेली। महानगर कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा के नेतृत्व में नई दिल्ली में आंदोलनरत छात्र-छात्राओं के साथ हुई घटनाओं और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर NEET एवं CBSE से जुड़े कथित विवादों के विरोध में सत्याग्रह और कैंडल मार्च का आयोजन किया। कमिश्नरी से अंबेडकर पार्क तक निकाले गए मार्च के माध्यम से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छात्रों के प्रति एकजुटता जताते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई।
महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूरे घटनाक्रम पर देश से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पूर्व विधायक मास्टर छोटेलाल गंगवार ने कहा कि इन घटनाओं से सरकार का वास्तविक चेहरा सामने आया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। वरिष्ठ नेता नवाब मुजाहिद हसन ने कहा कि केवल इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में निष्पक्ष और पारदर्शी प्रणाली लागू करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
पार्टी प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने कहा कि छात्रों के सम्मान, अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और युवाओं की आवाज दबाने के हर प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
कार्यक्रम में तीर्थ मधुकर, तबस्सुम खान, शबनम मलिक, प्रवीण मिश्रा, निधि शर्मा, सफदर अली, हाजी जुबैर, इमरान खान, मनोज शर्मा, जितेंद्र बाबू, पूनम दीप सिंह, राजकमल बेदी, अनिल देव शर्मा, प्रेम शंकर आनंद, अनुराग गंगवार, डॉ. सरताज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।