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-संबिधान में लिखे अधिकार पंचायतों एवं उनके प्रतिनिधियों को व्यबहार में भी मिलने चाहिए:-पंकज उपाध्यय एडवोकेट।
एटा,
एटा के शांतिनगर स्थित पंचायत विकास संस्थान उत्तर प्रदेश के कैम्प कार्यालय पर पंचायत विकास संस्थान के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओ की बैठक का आयोजन किया गया।बैठक की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष माननीय पंकज उपाध्यय एडवोकेट हाई कोर्ट ने की।और संचालन संस्थान के सचिव देवेन्द्र कुमार लोधी ने किया।इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष पंकज उपाध्यय एडवोकेट ने कहा कि संबिधान में लिखेअधिकार पंचायतों एवं उनके चुने हुए प्रतिनिधियों को भी व्यबहार में मिलने चाहिए।जब भारतीय संविधान में पंचायतों को संबैधानिक दर्जा दिया गया है जिसमे राष्ट्रीय स्तर पर संसद, राज्य स्तर पर विधानसभा, और ग्रामीण स्तर पर ग्रामसभा का गठन किया गया है तो उनके साथ भेदभाव क्यो?सचिव देवेंद्र कुमार लोधी ने कहा कि हम लोग राष्ट्र सेवा, समाज सेवा, क्षेत्र सेवा के साथ ही व्यक्तित्व विकास के लिए काम कर रहे हैं।भारतीय लोकतंत्र के अनुसार जब गांव का व्यक्ति अपने अधिकारों को जानेगा, तभी वह दूसरों की सहायता और ग्रामीण विकास की बात कर सकता है। पंचायत विकास संस्थान इसमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।इस अवसर पर संस्थान के जिलाध्यक्ष विकास मित्र ने सभी का आभार जताया।इस बैठक में मौजूद योगेन्द्र सिंह, मदन तिवारी, अरुण कुमार, रामनिवास, सुधीर यादव, रविन्द्र बघेल, मुकेश कुमार, सोमदत्त बघेल, दिलीप कुमार, आलम सिंह, अनुज कुमार, मुहम्मद सलीम, चंद्रकांत गांधी, अनिल कुमार, यादराम वर्मा, उमेश चंद्र, योगेश कुमार, विष्णुदयाल, थान सिंह, सतेंद्र सिंह उर्फ जितेंद्र सिंह, हिमांशु दीक्षित, आदेश मिश्रा, वैभव अवस्थी, आलोक राजपूत श्रीमती किरन, सरिता एडवोकेट, चंद्रेश जैनआदि लोग उपस्थित रहे।