संभागीय परिवहन विभाग बिजनौर में व्याप्त भ्रष्टाचार!वाहन चालकों से पांच साल बढ़ाने के नाम पर ऐंठी जाती है मोटी रकम!
योगी सरकार के पारदर्शी शासन व्यवस्था को दिखा रहे हैं ठेंगा
बगैर दलाल के आसानी से संभव नहीं होते हैं काम!

बिजनौर। एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश में योगी सरकार शासन व्यवस्था को पारदर्शी एवं जन हितेषी बनाने के लिए दिन रात प्रयास कर रही है तथा इसी में उसको अपार सफलता भी हासिल हो रही है तो वहीं दूसरी ओर कुछ विभाग अभी भी अपनी मनमानी एवं भ्रष्टाचारी कार्यशैली से बाज नहीं आ रहा है। हालांकि ऐसे अधिकारी जब भी बेनकाब होते हैं तो शासन सरकार द्वारा बड़ी कार्रवाई अमल में भी लाई जाती है फिलहाल यदि हम जिला बिजनौर के अंतर्गत संभागीय परिवहन विभाग की बात करें तो यहां पर मनमानी चल रही है तथा आम जनमानस जो अपने काम से यहां पर आता है फिर लूट कर ही जाता है!अगर सूत्रों की माने तो हर छोटे बड़े काम के यहां पैसे वसूले जाते हैं ऐसा नहीं है कि अधिकारियों के संज्ञान में नहीं है लेकिन सब कुछ आपसी मिलीभगत एवं घालमेल से चल रहा है यहां पर पांच साल के लिए गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन बड़वाई जाने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है आसपास के जिले जो एनसीआर में आते हैं और उनके वाहनों की अवधि समाप्त हो चुकी है तो ऐसे कुछ लोग बिजनौर से भी अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कराने आते हैं ताकि पांच साल का समय बढ़ जाए। इसके लिए बाबू से लेकर अधिकारियों तक पूरी साठ गांठ होती है तथा मनचाही वसूली की जाती है जिनकी गाड़ियों के विधि सम्मत पांच साल बढ़ रहे हैं वह यहां पर काम के नाम पर अच्छी खासी रकम देकर जाते हैं तथा सूत्रों की माने तो वाहन चालक अपने स्तर से यदि सीधे तौर पर काम कराने का प्रयास करते हैं तो उनको कागजों के नाम पर इतना उलझा दिया जाता है कि वह मजबूर होकर दलालों का सहारा लेते हैं और कुछ रुपयों और फालतू देकर दलालों के माध्यम से अपना काम मोटी रकम देकर करा लेते हैं एक प्रकार से देखा जाए तो वाहन चालक अपने काम के चक्कर में यहां पर खूब पीस रहे हैं और सुनवाई के नाम पर कोई कुछ भी करने वाला नहीं है कोई भी फाइल जो दलालों के माध्यम से आती हैं उसी को वरीयता देकर निपटाया जाता है यह दलाल प्रथा बहुत सी जगह योगी सरकार में खत्म कर दी गई लेकिन बिजनौर में यह खेल अभी भी निरंतर अधिकारियों की चल रहा है और योगी सरकार को ध्यान देने की सख्त जरूरत है ताकि वाहन चालक सुलभता के साथ अपना काम करा सके और आए दिन की लूट मारी से बच सके।