किसान आंदोलन पर प्रधानमंत्री की भी सफाई आई है( मन की बात)

किसानों के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि नए कानूनों में तीन दिन के अंंदर पेमेंट अनिवार्य है। ऐसा न होने पर किसान शिकायत कर सकते हैं। एक महीने के अंदर किसानों की शिकायत का निपटारा होगा। प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के एक किसान का नए कानून की वजह से महीनों का बकाया मिलने का उदाहरण दिया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के धुले जिले के किसान जितेंद्र भोइजी ने मक्का की खेती की थी। उन्होंने फसल व्यापारी को बेचना तय किया। तीन लाख 32 हजार रुपये का पेमेंट तय हुआ। 25 हजार रुपये उन्हें एडवांस मिल गए थे। बाकी पैसा 15 दिन में चुकाने की बात हुई थी। लेकिन उन्हें बाकी पेमेंट नहीं मिला।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मक्का खरीदने वाले बरसों से चली आ रही उसी परंपरा को निभा रहे थे कि ‘किसान से फसल खरीद लो, महीनों तक पेमेंट न करो’। चार महीने तक जितेंद्र का पेमेंट नहीं हुआ था।
सितंबर से जो नए कृषि कानून बने हैं। इस कानून में यह तय हुआ है कि फसल खरीदने के तीन दिन में ही किसान को पूरा पैसा पेमेंट करना है। किसान शिकायत दर्ज कर सकता है। क्षेत्र के एसडीएम को एक महीने के भीतर ही किसान की शिकायत का निपटारा करना होगा। ऐसे में जितेंद्र की शिकायत का समाधान होना था। आखिर शिकायत के चंद दिन में उनका बकाया मिल गया। इस प्रकार कानून की सही और पूरी जानकारी जितेंद्र की ताकत बनी।