
बरेली। पुलिस में भ्रष्टाचार और वर्दी के दुरुपयोग पर SSP अनुराग आर्य ने बड़ा और कड़ा एक्शन लिया है। थाना बारादरी में तैनात दो हेड कांस्टेबल और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर से मिलीभगत कर एक व्यक्ति को अवैध रूप से बंधक बनाकर 10 लाख रुपये के विवाद में दबाव बनाया गया। मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक पीड़ित ने प्लॉट खरीदने के लिए एक प्रॉपर्टी डीलर को 10 लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि डीलर ने न तो एग्रीमेंट कराया और न ही रकम वापस की। शिकायत के अनुसार पैसे हड़पने के लिए डीलर ने कुछ पुलिसकर्मियों से सांठगांठ कर ली।
आरोप है कि इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को अपने आवास पर बैठाकर पैसे लेकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया। शिकायत सामने आने पर मामले की जांच कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।
SSP अनुराग आर्य ने बिना देर किए चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए। SSP ने साफ संदेश दिया है कि वर्दी की आड़ में किसी भी प्रकार की मनमानी, भ्रष्टाचार या जनता के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निलंबित पुलिसकर्मियों में मुख्य आरक्षी आशीष मिश्रा, मुख्य आरक्षी राहुल कुमार, आरक्षी सिद्धांत चौधरी और आरक्षी आदित्य प्रताप सिंह शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जनता SSP अनुराग आर्य की इस सख्त कार्रवाई की सराहना कर रही है और उम्मीद जता रही है कि खाकी की छवि को धूमिल करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहे ।