हर जिंदगी अनमोल… सड़क हादसों पर अब जीरो टॉलरेंस सीएम योगी ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम —

स्टंटबाजी, ओवरलोडिंग और नशे में ड्राइविंग पर होगी कड़ी कार्रवाई

बरेली, लखनऊ, 20 मई: उत्तर प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को सड़क सुरक्षा को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि “प्रदेश में हर व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें राज्य की बड़ी क्षति हैं।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि शासन स्तर से लेकर जनपद स्तर तक हर अधिकारी की जवाबदेही तय हो। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर लगातार हादसे हो रहे हैं, वहां तत्काल कारणों की पहचान कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
सीएम योगी ने स्टंटबाजी, ओवर स्पीड, शराब के नशे में वाहन चलाने वालों, ओवरलोडिंग करने वालों, डग्गामार बसों और अवैध डंपरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में 21 प्रतिशत तथा मृतकों की संख्या में 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि अभी और अधिक प्रभावी प्रयासों की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध वाहन संचालन और सड़क किनारे अवैध पार्किंग तुरंत हटाई जाए। साथ ही परिवहन निगम की बसों की फिटनेस और चालकों-परिचालकों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री बेहद गंभीर दिखे। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस वाले स्कूल वाहन किसी भी हालत में सड़क पर न उतरें। जिन वाहनों का बार-बार चालान हो रहा है, उनके लाइसेंस और परमिट निरस्त करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाए।
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन स्वयं की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने चौराहों, टोल प्लाजा और प्रमुख मार्गों पर जनजागरूकता अभियान, होर्डिंग्स और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने हाईवे और एक्सप्रेसवे पर नियमित पेट्रोलिंग, एंबुलेंस व्यवस्था और नजदीकी अस्पतालों में बेहतर इलाज व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए, ताकि हादसे में घायल लोगों को समय पर उपचार मिल सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों के 487 क्रिटिकल पुलिस थानों पर “जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना” लागू की गई है, जिसके तहत पिछले चार महीनों में 566 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।

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पं.सत्यम शर्मा

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