पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता अपने संवैधानिक अधिकारों के मुद्दों पर देंगे राजनीतिक दलों को कड़ी टक्कर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027: पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता अपने संवैधानिक अधिकारों के मुद्दों पर देंगे राजनीतिक दलों को कड़ी टक्कर

नई दिल्ली: भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय कार्यालय से जारी बयान में यूनियन का बड़ा ऐलान, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता संगठित होकर राजनीतिक दलों को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में हैं।

भारतीय मीडिया फाउंडेशन (BMF) के संस्थापक एके बिंदुसार ने इस बात पर जोर दिया है कि पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जानबूझकर उनके संवैधानिक अधिकार नहीं दिए जाते हैं और राजनीतिक दल केवल अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए मीडिया का इस्तेमाल करते हैं.
“पत्रकारों के अधिकारों की अनदेखी और राजनीतिक दलों की भूमिका”

बिंदुसार ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े राज्य में पत्रकारों का उत्पीड़न लगातार देखने को मिलता है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आजादी को सुनिश्चित नहीं करना चाहते. इसी पृष्ठभूमि में, उन्होंने प्रदेश के सभी पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से एक मंच पर संगठित होकर “मीडिया सरकार” बनाने के लिए चुनावी मैदान में अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने का आह्वान किया.
“औकात क्या है” के व्यंग्य का जवाब और राजनीतिक रणनीति

पत्रकारों को चुनाव लड़ाने के “लुभावने भाषणों” पर टिप्पणी करते हुए बिंदुसार ने कहा कि वे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सदस्य हैं और इसलिए उन्हें सावधान रहने की आवश्यकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकारों को किसी विशेष राजनीतिक पाले में जाकर अपने पत्रकारिता धर्म के विपरीत कार्य नहीं करना चाहिए. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि BMF अपने मुद्दों को लेकर सभी राजनीतिक दलों को पत्र लिखेगा और जो दल लिखित रूप से उनके एजेंडे को स्वीकार करेगा, उसी के साथ समन्वय बनाने का कार्य किया जाएगा. बिंदुसार ने “औकात क्या है” जैसे व्यंग्यों का जवाब देते हुए कहा, “देखन को छोटा लगे घाव करे गंभीर”, जो उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है.
प्रमुख मांगे और राष्ट्रीय स्तर पर एकीकरण का आह्वान
बिंदुसार ने जोरदार तरीके से राज्य स्तर पर मीडिया कल्याण बोर्ड, पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुरक्षा कानून को लागू करने, मीडिया पालिका का गठन करने, सभी टोल प्लाजा पर पत्रकारों के लिए टोल टैक्स फ्री करने और पत्रकारों का बीमा कराने की मांग उठाई.
उन्होंने उत्तर प्रदेश सहित सभी प्रदेशों के पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर संगठित होने का आह्वान किया. बिंदुसार ने यह भी घोषणा की कि पत्रकार संगठनों का एक साझा मंच “इंटरनेशनल मीडिया आर्मी” के नाम से बन चुका है और जल्द ही एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए एक बड़ा ऐलान किया जाएगा. यह पहल 2027 के विधानसभा चुनावों में पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बना सकती है।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks