विभिन्न देव दीपावली एवं गंगा आरती समितियों का केन्द्रीय प्रतिनिधि संगठन

केन्द्रीय देव दीपावली महासमिति
विभिन्न देव दीपावली एवं गंगा आरती समितियों का केन्द्रीय प्रतिनिधि संगठन

आज दिनांक 25-11-2023 दिन शनिवार को अपरान्ह 01बजे से पत्रकार वार्ता का आयोजन चेतगंज स्थित प्लानर इंडिया भवन के प्रांगण में हुआ।पत्रकार बंधुओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय देव दीपावली महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र जी ने कहा कि काशी आधारित देव दीपावली एवं गंगा आरती पूरे देश दुनियाभर भर में विस्तारित हो चुका है और सभी को जोड़कर इसका (केंद्रीय) वैश्विक संगठन बनाया जायेगा ।आगे कहा कि काशी की देव दीपावली एवं श्री गंगा जी की आरती का आयोजन मात्र घाटों तक सीमित नहीं रहा, अब इससे प्रेरित हो देश विदेश में भी लोग इसका आयोजन कर रहे हैं। वर्तमानकालिक देव दीपावली महोत्सव मात्र धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है यह नदियों और कुण्डों – तालाबों पर स्वच्छता अभियान के लिए अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम साबित हो रहा है। हम केवल वाराणसी की ही बात करें तो यहाँ के गंगा घाटों पर पहले गंगा जी की बाढ़ द्वारा लाई गई मिट्टी वैसे के वैसे ही साल दर साल, परत दर परत जमा हो कर पड़ी रहती थी। कुछ घाटों की हालत ऐसी हो गई थी की वे टनों मिट्टी- मलबे के बोझ से दब कर, धंस चुके थे। देव दीपावली आयोजन शुरू होने के पहले केवल स्नान करने , नहाने वाले घाटों पर ही जमा मिट्टी की सफाई होती रही। सन् 1990 के बाद के दशक में जैसे- जैसे देव दीपावली का विस्तार हुआ, वैसे – वैसे गंगा के घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश, मरम्मत आदि की व्यवस्थाओं में पर्याप्त सुधार हुआ।अब बाढ के बाद नियमित रूप से अभियान चलाकर सफाई, प्रकाश आदि व्यवस्थायें देव दीपावली के पूर्व लक्ष्य बनाकर दुरुस्त कर ली जाती हैं, अब साल दर साल घाटों की नियमित रूप से साफ-सफाई होने लगी जिससे वाराणसी में विभिन्न उद्देश्यों, स्नान-दान, तीर्थाटन – पर्यटन आदि के लिए आने वाले पर्यटकों – श्रद्धालुओं का आगमन बढा है। यात्रियों – पर्यटकों की बढ़ रही उपस्थिती से रोजगार- बाजार सब फल फूल रहा है। आज फिल्मों से लेकर शादी-ब्याह, पार्टी तक में आरती, दीप श्रृंगार करना फैशन बन गया है और इवेंट्स मैनेजर इससे पैसा बना रहे हैं वो तो ठीक लेकिन कहीं कहीं आरती और भोजन, डी जे नृत्य – संगीत साथ ही चल रहा है यह आरती की पवित्रता व मर्यादा का अपमान है। काशी (वाराणसी) में गंगा -वरूणा, गोमती के तटों पर तथा कुंडों – तालाबों, सरोवरों झीलों, मंदिरों, चौक, चौराहों आदि पर जो देव दीपावली एवं आरती काआयोजन होता है उन उन विभिन्न आयोजन स्थानों के लगभग – लगभग प्रतिनिधियों का पहले से ही महासमिति से जुड़ाव हैं, और जो बाकी हैं सबकी भागीदारी सुनिश्चित कर श्री देव दीपावली एवं आरती महासमिति काशी का संगठन पुनर्गठित किया जायेगा।
साथ ही भारत के उन राज्यों में जहां जहां देव दीपावली पहुंच गई है वहां के, बाकी दुनिया में फैले आयोजकों को जोड़ कर केन्द्रीय देव दीपावली एवं आरती का विधिवत गठन किया जाएगा। माता गंगा एवं काशी के प्रति जिस श्रद्धा-समर्पण और त्याग के भाव से देव दीपावली महोत्सव का निरन्तरता से विस्तार किया गया है, वह स्तुत्य है। इतिहास गवाह है कि यही महोत्सव था जो भिन्न-भिन्न जातियों में बंटे हुए, वाराणसी के घाटों पर बसे विभिन्न धर्म सम्प्रदाय एवं जाति के लोगों को जोड़ कर, सबकी देव दीपावली बना।बहुत कम समय में यह न सिर्फ यह विश्व विख्यात बनी बल्कि पर्यटकों के वाराणसी आगमन का सर्वाधिक रिकॉर्ड भी इसके ही नाम है। अब इसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय मेला घोषित किया गया है, इसके लिए आप सबको विशेष बधाई है। लेकिन इससे जुड़े घाटों एवं कुण्डों – तालाबों आदि के आयोजकों तथा संस्थाओं को निश्चिन्त होकर नहीं बैठना है वरन् सक्रियता और सजगता समसामयिक विषयों पर आधारित सकारात्मक ऊर्जा से सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए काशी की वैश्विक महत्ता को प्रतिष्ठित करना है।
इस वर्ष 2023 का देव दीपावली महोत्सव देव दीपावली निम्नांकित विषयों पर आधारित रहेगी। सभी सनातनी एक जाति पंथ अनेक
*गुरु नानक देव जी के 554 वें प्रकाश पर्व पर उन्हें समर्पित होगी देव दीपावली
काशी में श्री गंगा जी के घाटों को नशा मुक्त क्षेत्र की मांग हेतु रंगोली

नारी सशक्तिकरण की छवि कई घाटो पर रंगोली का आयोजन करके प्रदर्शित की जाएगी
*छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित होगी रामघाट की देव7 दीपावली
बूंदी परकोटा घाट की देव – दीपावली भगवान बुद्ध को समर्पित रहेंगी
जैन घाट की देव दीपावली भगवान महावीर स्वामी को समर्पित होगी
सनातन के ही सभी पंथों की एकता को, गुरुनानक देव जी, महावीर स्वामी, संत रविदास एवं संतकबीर को समर्पित होगी देव दीपावली
श्री गंगा जी, वरुणा जी एवं गोमती जी के 108 घाटों एवं 75 कुंडों तालाबों में विशेष रूप से देव दीपावली महोत्सव मनाया जायेगा।
पत्रकार वार्ता में आचार्य वागीश दत्त मिश्र, रत्नाकर त्रिपाठी ,अनन्त दीक्षित, विशाल ओढेकर, कोमल गुप्ता, श्याम लाल सिंह, रजनी शर्मा, ग्रंथी रंजीत सिंह, प्रदीप पाल एवं मंत्री तथा मीडिया प्रभारी रमन कुमार श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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