राजधर्म की रस्में निभाते रहे,
दर्द से भीगी आँखे पोछते रहे।योगी जी का दर्द यह तसवीर बता रही है,कि एक तरफ पिता के खोने का दर्द तो दूसरी तरफ मीटिंग करते रहे।ईश्वर उस दिगम्बत आत्मा को शांति दे
राजधर्म की रस्में निभाते रहे,
दर्द से भीगी आँखे पोछते रहे।योगी जी का दर्द यह तसवीर बता रही है,कि एक तरफ पिता के खोने का दर्द तो दूसरी तरफ मीटिंग करते रहे।ईश्वर उस दिगम्बत आत्मा को शांति दे