
बुखार के कारण हर घर में कोई न कोई बीमार है। अधिकांश लोग झोलझापों से इलाज करा रहे
एटा,मारहरा क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में इस समय बुखार के कारण हर घर में कोई न कोई बीमार है। अधिकांश लोग झोलझापों से इलाज करा रहे हैं। इनकी ही पॅथलॉजी पर जांच रिपोर्ट में मरीज डेंगू पॉजिटिव भी आ रहे हैं। खुले में मरीजों को लिटाकर ड्रिप लगाई जा रही है। इन्हें देखने रोकने वाला कोई नहीं है। मालूम हो कि गुरुवार को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक जलेसर में आ रहे हैं। लोगों ने उनसे उम्मीद है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित करेंगे।
मारहरा में इन दिनों करीब डेढ़ दर्जन अपंजीकृत पैथोलॉजी बुखार जांच कर डेंगू, मलेरिया की जांच कराने के लिए भीड़ जुट रही है। घंटों में होने वाली जांच रिपोर्ट मिनटों में मिल रही है। जांच रिपोर्ट लेकर सीधे चहेते अपंजीकृत डॉक्टर साहाब के पास पहुंच रहे हैं। पॉजिटिव होने की रिपोर्ट मिलते ही वह मरीज को खुले में पड़ी बेंच पर लिटाकर ड्रिप लगा रहे हैं। इसी ड्रिप में लाल, गुलाबी और पिंक कलर की दवा डाल दी जा रही है। स्थानीय लोगाों का दावा है कि डेढ़ दर्जन से अधिक अपंजीकृत पैथोलॉजी और तीन दर्जन से अधिक अपंजीकृत क्लीनिक, अस्पताल संचालित हो रहे हैं। यह पहले तो इलाज करते रहते है। जब कई दिन बाद भी मरीज को लाभ नहीं होता है तो सरकारी अस्तपाल भेज देते हैं। मंगलवार को ऐसे ही एक महिला की मौत हो गई। बुधवार को सुल्तानपुर की 18 वर्षीय बुखार रोगी चंद्रकला की जांच अपंजीकृत पैथोलॉजी में परिजनों ने कराई।
जांच में पैथोलॉजी से डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट दी गई है। उसके बाद परेशान परिजन चंद्रकला को लेकर शहर के अपंजीकृत हॉस्पिटल में भर्ती कर उपचार करा रहे हैं।
मारहरा की अपंजीकृत पैथोलॉजी में मरीजों को डेंगू, मलेरिया पॉजिटिव की रिपोर्ट दी जा रही है। सुल्तानपुर में बुधवार को 100 मरीजों को जांच उपचार दिया गया है। तीन टीमों ने गांव में 30 लोगों की डेंगू, मलेरिया की जांच की है। कोई भी पॉजिटिव नहीं निकला है। अपंजीकृत पैथोलॉजी, क्लीनिक की यदि शिकायत होगी। तब नोडल अधिकारी डा. सर्वेश कुमार कार्रवाई करेंगे। अपंजीकृतों को लेकर वह कुछ नहीं कर सकते।
डा. राहुल, एमओआईसी, पीएचसी, मिरहची (एटा)
सुल्तानपुर में 100 से अधिक बुखार के रोगी
मारहरा। सुल्तानपुर के ग्राम प्रधान भरत कुमार राजपूत ने बताया कि गांव में 100 से अधिक बुखार के मरीज हैं, जिनका गांव और आसपास के क्लीनिकों में उपचार चल रहा है। उसके बाद भी गांव में बीमारी दूर नहीं हो रही है। ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव के अलावा आसपास के क्षेत्र में कहीं बीमारी नहीं है। सिर्फ उनके गांव में ही बुखार, डेंगू, मलेरिया की बीमारी फैल रही है।