प्रदेश के 57 जनपदों में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना करने का लक्ष्य



लखनऊ, । श्रमिकों के बच्चों की गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 57 जनपदों में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना करने का फैसला किया है। सभी 75 जनपदों में एक-एक कम्पोजिट विद्यालय को ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय’ के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा। शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि हमें प्री-प्राइमरी से कक्षा 12वीं तक सर्वसुविधायुक्त विद्यालयों की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ना होगा। 57 जनपदों में एक-एक ‘मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय’ की स्थापना की तैयारी करें। इन का परिसर 5-10 एकड़ का होना चाहिए।
लैंग्वेज लैब और माड्युलर प्रयोगशाला हो

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विद्यालय में विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाएं मुहैया कराई जाए। प्रत्येक कक्षाकक्ष के लिए स्मार्ट क्लास हो। रोबोटिक्स व मशीन लर्निंग सेंटर हो। कक्षा-एक से 8 के लिए कम्पोजिट विज्ञान व गणित प्रयोगशाला, कक्षा-9 से 12 के लिए रसायन, भौतिकी विज्ञान के लिए माड्यूलर प्रयोगशाला, कम्प्यूटर लैब एवं लैंग्वेज लैब, कक्षा-एक से 8 एवं कक्षा-नौ से 12 के लिए पृथक-पृथक पुस्तकालय, विशाल खेल का मैदान व ओपन जिम के साथ मल्टीपल एक्टीविटी हॉल बनाया जाए।

पीएम श्री स्कूलों का निर्माण दिसंबर तक पूरा होगा

लखनऊ विशेष संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में निर्देश दिए कि पीएम श्री योजना के तहत प्रथम चरण में विकास के लिए चयनित 272 प्राथमिक परिषदीय विद्यालय और 570 कम्पोजिट परिषदीय विद्यालय और 82 माध्यमिक विद्यालयों में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा करा लिया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बेसिक शिक्षा में व्यापक सुधार के उद्देश्य से पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स ़फॉर राइजिंग इंडिया) योजना की घोषणा की गई है। योजना के तहत भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश के 1725 शासकीय विद्यालयों का चयन किया गया है। इनके निर्माण में तेजी लाई जाए। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आइसीटी लैब, लैंग्वेज लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, अटल टिंकरिंग लैब स्थापित हों। साथ ही इन्हें ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित किया जाए।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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