आखिर कब तक ऐसा चलता रहेगा?

आखिर कब तक ऐसा चलता रहेगा?

एक बार फिर अपने कर्तव्य की इतिश्री..!

पंजाब के विभिन्न भागों से जहरीली शराब से मौतों की खबर ने एक बार फिर सबको दहला दिया,इसव पूर्व भी उत्तराखंड में शराब के कारण जा चुकी हैं जाने।लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से वही घिसा-पिटा बयान का आया कि ‘जांच के आदेश दे दिए गए हैं कोई दोषी नहीं बच पाएगा’।

कुछ दिन गुजर जाने के बाद सब लोग इस त्रासद घटना को भूल जाएंगे और जहर के व्यापारी फिर से सक्रिय हो जाएंगे। सरकार फिर से जांच का आदेश देगी और अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेगी।

सवाल है कि आखिर कब तक ऐसा चलता रहेगा? अगर पहले की घटनाओं के संबंधित क्षेत्र के जिम्मदारों की काम में लापरवाही बरतने के जुर्म में केवल स्थांतरण ही कर देना क्या उचित है!
बल्कि ऐसे जिम्मदारों को कड़ी सजा दी जाती तो शायद इस बड़े पैमाने की लापरवाही नहीं होती।

यह सर्वविदित है कि इस तरह के अपराध का जाल भ्रष्टाचार का हिस्सा होता हैं! भ्रष्टाचार केवल पैसों का नहीं होता, बल्कि इंसानों की जान भी ले लेता है।

सरकार को इस ओर ध्यान देकर ऐसे जिम्मदारों सबक सिखा कर आगे के लिए कोई रणनीति बनाई जानी चाहिए जिससे किसी की अवैध शराब के कारण जान ना जा सकें।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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