सनातन धर्म को गाली देना मतलब सभी पंथ एवं मजहब व दर्शन को अपमानित करना

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के पुत्र उदय निधि स्टालिन के द्वारा सनातन  धर्म को डेंगू मलेरिया और टाइफाइड कहकर गाली दी यह भारतीय संविधान पर तमाचा मारने जैसा है।*
*इंडिया गठबंधन का चेहरा सामने आया भारतीय संस्कृति मानवतावाद  विरोधी होने का सबसे बड़ा सबूत।*
*हिंदू, इस्लाम, बौद्ध, सिख, इसाई, जैन यह सभी पंथ एवं दर्शन  सनातन धर्म की शाखाएं हैं सनातन धर्म को गाली देना मतलब सभी पंथ एवं मजहब व दर्शन को अपमानित करना है।*
*उदय निधि बताएं वह किस धर्म व किस पंथ एवं मजहब के है।*– एके बिंदुसार संस्थापक भारतीय मीडिया फाउंडेशन
एवं संयोजक सनातन राष्ट्र भारत रक्षक महामोर्चा।
नई दिल्ली , भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एवं सनातन राष्ट्र भारत रक्षक महामोर्चा के  संयोजक एके बिंदुसार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पुत्र उदय निधि स्टालिन के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उदय निधि ने भारतीय संविधान का घोर विरोध किया है भारतीय संस्कृति एवं मानववाद को अपमानित करने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्र द्रोह का मुकदमा चलाते हुए ऐसे लोगों को देश निकाला कर देना चाहिए क्योंकि ऐसे लोगों के द्वारा ही देश की शांति व्यवस्था भंग हो रही हैं।
श्री एके बिंदुसार ने कहा कि इंडिया नामक नया राजनैतिक गठबंधन का चेहरा भी उदय निधि के माध्यम से सामने आया है इस नए इंडिया गठबंधन के नेताओं को ध्यान देना चाहिए ऐसे लोगों का अपने गठबंधन से बहिष्कार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन एवं सनातन राष्ट्र भारत रक्षक महा मोर्चा का गठन इसी उद्देश्य हुआ है कि “सत्य की खोज”  अभियान के तहत लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया का पक्ष सभी विषय बिंदु पर रखा जाएं।
उन्होंने सभी भारतीय सनातनी महापुरुषों , संत महात्माओं  एवं जनता जनार्दन से अपील किया है कि ऐसे  सनातन राष्ट्र विरोधी एवं संविधान विरोधी  लोगों के खिलाफ आप न्यायालय में मुकदमा दर्ज करा कर कार्रवाई करें  और देश निकाला कराएं।
उन्होंने सभी सनातनी बौद्ध हिंदू मुस्लिम सिख इसाई जैन समाज से आवाहन करते हुए कहां की यह आप सभी का अपमान है इस पर आप कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।
उन्होंने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया का पक्ष रखते हुए कहा कि सभी मीडिया कर्मी भारतीय लोकतंत्र के चौथे  स्तंभ मीडिया के अंग है इसलिए आप सभी लोग अपने कर्तव्यों का  इमानदारी से निर्वाह करते हुए सनातन राष्ट्र भारत के मूल संस्कृति की रक्षा करें।
उन्होंने कहा कि देश और समाज निर्माण में सभी पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता गण अपनी भूमिका को भी स्पष्ट करें।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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