इंटरनेशनल टाइगर दिवस एक्टिविटी का आयोजन नंद घर आंगनबाड़ी तथा बच्चों के सहयोग से किया गया।

आज 28 जूलाई को ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड वाराणसी के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी विनोद प्रधान द्वारा बताया गया कि संस्था वाराणसी द्वारा जनपद के प्रत्येक ब्लॉक में वेदांता नंदघर परियोजना के अंतर्गत इंटरनेशनल टाइगर दिवस एक्टिविटी का आयोजन नंद घर आंगनबाड़ी तथा बच्चों के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर ममता संस्था के क्लस्टर कोऑर्डिनेटर द्वारा इंटरनेशनल टाइगर डे 2022: 29 जुलाई को हर साल विश्व के कई देशों में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस बाघों के संरक्षण और उनकी विलुप्त होती प्रजातियों को बचाने के उद्देश्य से मनाते हैं। इस मौके पर लोगों को बाघ के प्रजातियों के खत्म होते अस्तित्व के प्रति जागरूक करते हैं। दरअसल वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 150 सालों में बाघों की संख्या में लगभग 95 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई है। बाघ दिवस मनाने का फैसला करते हुए देशों ने बाघों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा था। कई देश इस लक्ष्य को पूरा करने के दिशा में प्रयास कर रहे हैं। हालांकि भारत ने साल 2018 में ही बाघों की प्रजातियों को दोगुना करने के अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया है। साल 2018 में भारत में बाघों की संख्या 2900 से ज्यादा थी। चलिए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने की शुरुआत कब हुई। बाघ दिवस का इतिहास क्या है और इस साल की बाघ दिवस की थीम क्या है। इसके ऊपर बच्चों तथा नंद घर के अभिभावकों को जानकारी प्रदान की तथा चित्र प्रतियोगिता के द्वारा बाघ संरक्षण के लिए मूवी व बाघ का मुखौटा तैयार कराकर लोगों में जागरूकता प्रदान किया गया।रिपोर्ट जमील अख्तर वाराणसी