*पैसेंजर ट्रेनों से राजस्व नहीं मिलेगा तब तक न तो ट्रेनों का संचालन बढ़ेगा और ना ही स्टेशन का विकास होगा, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । बीते वित्तीय वर्ष में एटा रेलवे स्टेशन से उत्तर मध्य रेलवे को 30 करोड़ से ज्यादा की आय हुई है। बाबजूद इसके एटा-बरहन रूट पर अब तक कुल दो पैसेंजर ट्रेनों का ही संचालन है। वहीं इस रूट के सभी रेलवे स्टेशनों का विकास भी नहीं है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार एटा से जब तक पैसेंजर ट्रेनों से राजस्व नहीं मिलेगा तब तक न तो ट्रेनों का संचालन बढ़ेगा और ना ही स्टेशन का विकास होगा।
उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज स्थित मुख्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में एटा रेलवे स्टेशन पर कुल 146 मालगाड़ियां अनलोड़ हुई। इन सभी मालगाड़ियों के कुल 6702 डिब्बों के माध्यम से जिले में कुल चार लाख 26 हजार 459 टन माल लाया गया। इन सभी ट्रेनों से रेलवे को 47.78 करोड़ से भी अधिक आय हुई थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2022-23 में एटा रेलवे स्टेशन से कुल 41 मालगाड़ियां 1708 डिब्बों में माल लाद कर अन्य राज्यों के लिए भेजी गई थी। इन सभी मालगाड़ियों से रेलवे को 31 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ था। यानी पिछले एक वर्ष में एटा से रेलवे को कुल 78.78 करोड़ का राजस्व मालभाड़े के रुप में प्राप्त हुआ है। हालाकि एटा रेलवे स्टेशन पर लोड़ हुईं कुल 41 मालगाड़ियों से प्राप्त हुए कुल 31 करोड़ के राजस्व को ही रेलवे एटा से होने वाली आय मानती है, लेकिन जो मालगाड़िया एटा आकर खाली हुई हैं। उनके माध्यम से मिलने वाले राजस्व का श्रेय भी एटा रेलवे स्टेशन को ही जाता है, क्योकि सभी मालगाड़ियां को एटा के नाम से ही बुक किया गया था।