ये शहर नही पूरी तरह से जानवरों का तबेला बन गया है–

जिला एटा-
इस शहर की दशा देखकर शर्म महसूस होती है पूरी तरह से जानवरों का तबेला बन गया है–
शहरें हालात एक बार निकल जाओ तो पता चलता है कि 4 दिन तक वह इंसान नहाया ही नहीं है कहने को चार विधायक एक सांसद पर बायदो और सुर्खियों के अलावा दो-दो काम नहीं दिखा पाएंगे अगर इनसे पूछा जाए तो सीवर शुरू हुई दो-तीन साल से वह लोगों के लिए मुसीबत बन गई चाहे जीटी रोड हो या कॉलोनियों में हो इतनी लापरवाही और से काम चल रहा है कि अब तक पूरा नहीं हो पा रहा है सड़कों के जख्म इंसानों का लहू पी रहे हैं धूल-धूल है शहर फुटपाथों पर चाट पकौड़े बेचते लोग आधी मिट्टी खा रहे हैं अब आदमी रोजी रोटी के लिए कुछ ना कुछ तो करेगा लेकिन यह शहर की व्यवस्थाएं हैं जो पब्लिक को हर तरह से परेसान कर रही हैं लेकिन एक बात तो सत्य है एटा आसपास की पब्लिक है भी बहुत धैर्यशील क्योंकि कभी भी अपने अधिकारों की मांग नहीं की इन्होंने उसका फायदा हमेशा से शासन प्रशासन को मिलता रहा जिस क्षेत्र की पब्लिक इतनी सहनशील होगी फिर तो सरकारों की बल्ले बल्ले हो ही जाएगी शहर पूरी तरह से जानवरों का तबेला बना हुआ है यह गौशाला बन गई वह गौशाला बन गई लेकिन खुलेआम रोड से लेकर पब्लिक में सांडो और बंदरों का आतंक देखने को मिल रहा है आदमियों को फेंक रहे हैं उठा उठा के ठेलिया फेंक रहे मारने बाले सांड पर न्यूज़ दिखाने के बाद भी शासन प्रशासन पर कोई असर नहीं बच्चे जब स्कूल जाते हैं उस वक्त सड़कों पर इतनी दहशत होती है बंदरों और सांडों की बच्चे तो बच्चे जो पेरेंट्स साथ में आते हैं उन्हें छोड़ने वह तक दहशत में आ जाते हैं आखिर यह कार्य गति कब तक चलेगी सुर्ख़ियों वाली।
दीप्ति, ‌

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks