ड्राइविंग लाइसेंस बनकर लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पा रहे, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । जिले के आठ हजार से अधिक लोगों के ड्राइविंग लाईसेंस बनने के बाद भी अब तक घर नहीं पहुंचे हैं। इस कारण लोग प्रतिदिन एआटीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
सोमवार को एआरटीओ प्रशासन सत्येंद्र कुमार ने बताया कि अक्तूबर माह से अब तक आठ हजार से अधिक लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं, लेकिन लोगों के घर तक लाइसेंस नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने जिस कार्यदायी संस्था को चिप लाइसेंस बनाने का टेंडर दिया है। उस कार्यदायी संस्था के पास चिप की समस्या बनी हुई है। इस कारण लखनऊ से ही ड्राइविंग लाइसेंस बनकर लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पा रहे है।
एआरटीओ ने यह भी बताया कि जिन लोगों के ड्राइविंग लाईसेंस बन गए है। वह लोग लोकवाणी से अपने लाइसेंस को निकलवा सकते हैं। इसके साथ ही जो लोग स्मार्ट फोन का उपयोग करते हैं, वह लोग भारत सरकार से मान्यता प्राप्त डिजी लॉकर एप से अपने लाइसेंस को डाउनलोड कर यातायात असुविधाओं से बच सकते हैं। जल्द ही लखनऊ से लोगों के घरों पर लाइसेंस पहुंचना शुरू होने की उम्मीद है।