जुगेन्द्र सिंह यादव पुलिस की गिरफ्त में *
एटा,जैसा कि एटा पुलिस के अनुसार मथुरा जनपद के थाना-जेत क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।*

वर्तमान में जुगेन्द्र सिंह यादव पर तीन थानो के करीब 86 आपराधिक मुक़ददमे दर्ज है
*जुगेद्र सिंह यादव पर पुलिस नें 25000 का इनाम भी घोषित कर रखा था,*
*जुगेद्र सिंह यादव के बड़े भाई रामेश्वर सिंह यादव को भी आगरा वाई पास से गिरफ्तार किया गया था, रामेश्वर यादव वर्तमान में जिला कारागार एटा में निरुद्ध है।*
जुगेद्र सिंह यादव के खिलाफ जनपद के एक न्यायालय से NBW भी जारी थे,
जुगेद्र सिंह यादव को थाना कोतवाली नगर व SOG के सयुक्त प्रयास से गिरफ्तार किया गया है।
*जुगेद्र सिंह यादव को कुछ महीने पूर्व सपा सरक्षक मुलायम सिंह यादव के दाह संस्कार में गाँव सैफई देखा गया था,उस समय जिला प्रशासन एटा पर कई आरोप लगाए गए थे,*
वर्तमान में जुगेद्र सिंह यादव के परिवार व करीबियों की करीब 200 सम्पत्तिया कुर्क की गई है,
जुगेद्र सिंह यादव सहित परिवार के सभी सदस्यों पर आपराधिक मुक़ददमे दर्ज है।
जुगेद्र सिंह यादव पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का विशेष सहयोग रहता है।
*सवाल बाकी है*
1-अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि किस गाड़ी में थे जुगेद्र सिंह यादव!
2-जुगेद्र सिंह यादव के साथ गिरफ्तारी के दौरान कौन-कौन था!
3-जुगेद्र सिंह यादव कहाँ से कहाँ जा रहें थे कुछ साफ नहीं हो सका है!
*जनपद के लिए यह जरुरी है *
जुगेद्र सिंह यादव की गिरफ्तारी जनपद एटा पुलिस के लिए बड़ी अहम भी थी, वही जुगेद्र सिंह यादव खुद को बचाने के लिए भी उतवाले बताये जा रहें थे,जब से पुलिस नें ईमान घोषित किया था।
जुगेद्र सिंह यादव की सभी सम्पत्तियों की कुर्क होने की सीमा तय हो चुकी थी।वही इन सम्पत्तियों पर आगामी कानूनी प्रक्रिया शुरू होनी थी।
जुगेद्र सिंह यादव की पत्नी रेखा यादव के जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल भी करीब दो बर्ष पूरे होने ही वाले है। क्योंकि विधानसभा में पारित नियम के अनुसार दो बर्ष से पूर्व किसी भी जिला पंचायत के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता था। वर्तमान की जुगेद्र सिंह यादव नें जिला पंचायत सीट को बचाने के लिए भी गिरफ्तार होना ही मुनासिब समझा हो?हमारा मानना है कि आगामी लोकसभा चुनाव रणनीति के तहत भी जिले में जुगेद्र सिंह यादव का रहना जरुरी हो सकता है, वह समझते है कि जिले से अधिक बाहर रहने से जुगेद्र सिंह यादव के समर्थक भी अपना रास्ता देखने लगे थे।वही फरार रहने से भी जुगेद्र सिंह यादव को ही नुकसान होना था। एटा पुलिस के लिए उस समय बड़ी जवाबदेही देना मुश्किल हो गया था। जब जुगेद्र सिंह यादव को सैफई देखा गया था। खेर जुगेद्र सिंह यादव के फरारी का चेप्टर भी एटा पुलिस नें अपनी सूझबूझ से बंद कर ही दिया।
*आपको आगे कि खबर में बतायेगे कि आखिर जुगेद्र सिंह यादव फरारी के दौरान कहाँ -कहाँ भटक रहें थे व सपा बीजेपी के किस-किस नेता से मिले थे और बतायेगे कि किस-किस अधिकारी कर्मचारियों नें फरारी के दौरान मदद की थी।हम कोशिश यह भी बताने की करेंगे कि जुगेद्र सिंह यादव के बाद अब उनके परिवार से कौन जेल जायेगा या फिर अब किस करवट बैठने वाली है एटा लोकसभा की सीट……..!!*