
अधिकारी ने घर बैठे बना लीं ‘घर’ से वोट डालने वालों की सूची – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – चुनाव आयोग की कोरोना काल में बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के घर से वोट डलवाने की मुहिम खानापूर्ति में ही सिमट गई है। ऐसे मतदाताओं की सूची अधिकांश बीएलओ (बूथ लेबल आफिसर) ने घर बैठे ही बना दी है। बड़ी संख्या में बुजुर्ग व दिव्यांग इसमें शामिल नहीं किए गए हैैं। जिले में 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 63965 है, लेकिन घर से मतदान करने का लाभ 1830 को ही मिल पाएगा। सहमति पत्र भरवाने के लिए बीएलओ ने अधिकांश मतदाताओं से संपर्क ही नहीं किया है। इन्हें वोट डालने के लिए बूथ पर जाना होगा।आंकड़ों के अनुसार जिले में 80 साल से अधिक उम्र के 46816 व 17149 दिव्यांग मतदाता हैं। पिछले दिनों यह सूची निर्वाचन विभाग ने संबंधित क्षेत्रों के बीएलओ को भेजी थी। इन मतदाताओं से बीएलओ को संपर्क कर फार्म 12 डी भरवाना था। यह सहमति पत्र था। इसी के आधार पर मतदाता को घर से वोट डालने का मौका मिलता, लेकिन 1830 मतदाताओं से ही फार्म डी भरवाए गए हैं। घर से वोट डालने की प्रक्रिया चार से छह फरवरी तक होनी है। इसके लिए 115 टीम बनाई गई हैं
बीएलओ की सूची में शामिल लोगों को ही घर से वोट डालने की सुविधा की तैयारी निर्वाचन विभाग ने तय कर ली है। यह संख्या वास्तविक से बहुत कम है। जबकि अधिकांश बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाता घरों पर बीएलओ का इंतजार कर रहे हैं। सभी दिव्यांग व बुजुर्गों के पास बीएलओ पहुंचते तो शायद इससे मतदान का फीसद और भी बड़ जाता।