जब कान्हा ने उठाया गिरिराज पर्वत : झुका देवराज इंद्र का शीश; जयकारों से गूंजा टीवरीनाथ मंदिर

बरेली। श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में चल रही भव्य रासलीला एवं भक्त लीला के पांचवें दिन रविवार को ‘गिरिराज पूजन एवं छप्पन भोग’ की आलौकिक लीला का मंचन किया गया। वृंदावन धाम से पधारे स्वामी देवकीनंदन महाराज की मंडली के कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से पूरे पंडाल को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
कथा प्रसंग सुनाते हुए स्वामी देवकीनंदन जी महाराज ने बताया कि द्वापर युग में ब्रजवासी अच्छी वर्षा और बेहतर फसल की कामना से देवराज इंद्र को छप्पन भोग अर्पित करते थे। भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को प्रकृति और गोवंश का महत्व समझाते हुए कहा कि वर्षा कराने वाले बादलों को आश्रय देने वाले और हमारी गायों को चारा प्रदान करने वाले गिरिराज जी हैं, इसलिए पूजा इंद्र की नहीं गोवर्धन पर्वत की होनी चाहिए। कान्हा की सीख मानकर ग्रामीणों ने उस वर्ष इंद्र की पूजा बंद कर गिरिराज जी को छप्पन भोग अर्पित किए।
इस पर देवराज इंद्र क्रोधित हो उठे और उन्होंने मेघमालाओं को आदेश देकर पूरे ब्रज को जलमग्न करने के लिए प्रलयंकारी मूसलाधार बारिश शुरू करवा दी। चारों ओर जलभराव और तेज हवाओं से त्राहि-त्राहि मच गई। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली (कनिष्ठिका) पर विशाल गोवर्धन पर्वत को उठा लिया और सभी ब्रजवासियों व गोवंश को उसके नीचे सुरक्षित शरण दी। लगातार सात दिन तक चली घनघोर वर्षा के बाद जब इंद्र को ज्ञात हुआ कि यह कोई साधारण बालक नहीं, बल्कि स्वयं साक्षात परमब्रह्म ठाकुर जी हैं, तो उनका घमंड चूर-चूर हो गया। इंद्र ने नतमस्तक होकर भगवान से क्षमा याचना की। स्थिति सामान्य होने पर सभी ब्रजवासियों ने धूमधाम से गिरिराज जी का पूजन किया।


लीला के दौरान पूरा पांडाल ‘गिरिराज धरण की जय’ और ‘राधे-राधे’ के उद्घोष से गूंज उठा। इसके बाद छप्पन भोग लगाया गया और विशाल प्रसादी व भोजन वितरण के साथ रविवार के सत्र का समापन हुआ।
मीडिया प्रभारी कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि रविवार के आयोजन में मुख्य यजमान परिवार के रूप में श्री आर. एस. गोयल, संजय शर्मा, संजय झंवर, राकेश कुमार अग्रवाल, राजेंद्र कुमार अग्रवाल, पंकज अग्रवाल एवं शिवम अग्रवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में जुगल किशोर साबू, मोहन गुप्ता, सुरेश मिन्ना, विकास शर्मा, कैलाश शर्मा, प्रेम शंकर अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, नवीन गोयल, संजय शर्मा, समित अग्रवाल, आशीष मालू, कृष्णा अग्रवाल, संजय अग्रवाल, मुकेश शर्मा, मनोज अग्रवाल, निरंकार ओबेरॉय, सत्य प्रकाश ओबेरॉय, शिव कुमार सिंह, विपिन सक्सेना, रिंकू एवं शुभम का विशेष सहयोग रहा।
कल का आकर्षण:
मंडल द्वारा सोमवार शाम 6:00 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक ‘महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा’ की भव्य लीला का मंचन किया जाएगा।

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पं.सत्यम शर्मा

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