कोतवाली नगर में इंस्पेक्टर क्राइम दलालों को अपने इर्द-गिर्द रखते

कोतवाली नगर में इंस्पेक्टर क्राइम दलालों को अपने इर्द-गिर्द रखते*

*फरियादी कोतवाली में चक्कर लगा लगा कर थक जाते तो दलालों के माध्यम से जेब गर्म के बाद काम होता*

*कोतवाली नगर में मजलूमों के साथ अन्याय का नया फोर्मूला मजलूमी चिट्ठी मौहर लगा विना गार्द के दी जाती*

*संत सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से पुलिस विना गार्द डाक्टरी में जेब कटती ई0एम0ओ0*

लखनऊ -उत्तर प्रदेश सरकार में भले ही कानून का डर सभी को सताता हो, लेकिन नटवरलाल की भूमिका में कोतवाली नगर में साम दाम दण्ड भेद की नीति से चार्ज लेकर आए इंस्पेक्टर  क्राइम ने तो अजब-गजब मामला कर दिया,जब लहूलुहान प्रार्थी ने तहरीर दी, तो जांच नाम लेकर 16-04-2024 की तहरीर खा गए, भीड़ का दबाव देख मजलूमी चिट्ठी कोतवाली नगर से दिलाई जिसमें विना गार्द डाक्टरी पर फीस की मांग न पूरी होने पर डॉक्टरी आऐ दिन मेडीकल कॉलेज में हो रही है, कानून व्यवस्था में योगी सरकार की साख पर बट्टा तथा कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने वाले तेजतर्रार आईपीएस राजेश कुमार सिंह की कानून व्यवस्था मजबूत प्रणाली को खत्म करने का ठेका बेखोफ किस के संरक्षण में ले लिया है, ये तो भगवान ही मालिक है, लेकिन भगवान के यहां किसी संरक्षण देने वाले भी हाथ खड़े कर लेते है,पूरा मामला रफा-दफा करने के लिए दलालों की जखीरे में तब्दील हो चुके साहब ने दलाल के माध्यम से एफआईआर दर्ज के नाम पचास हजार रुपए की पेशकश रखवा दी, तो जनाब को न में उत्तर मिलने पर एफआईआर में मुल्जिम पक्ष से ले दे कर तहरीर पचा गये,अब अंधेरों में तीर चलाने की हमारी रणनीति नही है, जिसकी संयुक्त जांच बैठे तो सहाब पशीना छोड़ेंगे, कोतवाली से खून मे लतपथ आने वाले पीड़ितों के साथ यह खेल पूरे जनपद में केबल कोतवाली नगर में चल रहा है, जहां विना गार्द के डाक्टरी स्वयं में खून पसीने की गाढ़ी कमाई ढीली केवल इस बात पर हो रही है, कमजोर पर दुनिया राज करती है, लेकिन कप्तान सहाब जब पीड़ित को न्याय के नाम पर मजलूमी चिट्ठी में पीआरडी/होमगार्ड कोतवाली से साथ भेजने पर फ्री है, तो जनपद के सभी थानों से गार्द मिल रही है, तो कोतवाली नगर को किस के आदेश से अलग चलाया जा रहा है,जिसका नतीजा चुनाव में संत सरकार को कोतवाली नगर में इंस्पेक्टर क्राइम वेग सिंह कश्यप के चक्कर में झेलना लगभग तय है,जिसकी चर्चा आम सड़कों पर चाय की चुस्की के साथ मिल जाएगी,

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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