
आई फ्लू के हजारों रोगी, डॉक्टर एक भी नहीं
एटा, । जिले में आई फ्लू बढ़ रहा है। इन्हें देखने के लिए सीएचसी-पीएचसी पर कोई नेत्र चिकित्सक नहीं है। जो रोगी पहुंच रहे हैं उन्हें सामान्य डॉक्टर देखकर दवा रहे हैं। जिलेभर की सीएचसी-पीएचसी में एक दिन में आई फ्लू के 2500 से अधिक रोगी पहुंच रहे हैं।
बुधवार को जैथरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओपीडी में 350 मरीज उपचार लेने पहुंचे। इनमें 70-80 मरीज आई फ्लू के आए। ओपीडी में डॉ. सुलेमान खान ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव से वायरल फीवर, आई फ्लू व खुजली के मरीज आ रहे हैं। उन्हें जांच कर दवाएं दी जा रही हैं। केंद्र पर आई ड्रॉप, अन्य दवाएं उपलब्ध हैं। सीएचसी मारहरा की ओपीडी में मौजूद डॉ. नीलोफर यासीन ने बताया कि आई फ्लू के प्रतिदिन 80 से 100 मरीज आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीएचसी पर कोई नेत्र चिकित्सक नहीं है, इसलिए आई फ्लू रोगियों को सामान्य ओपीडी में उपचार दिया जा रहा है।
मिरहची पीएचसी के एमओआईसी डॉ. राहुल यादव ने बताया कि सामान्य ओपीडी में प्रतिदिन आई फ्लू के 100 से 120 मरीज आ रहे हैं। उनके यहां नेत्र चिकित्सक न होने पर नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. महेंद्र, डॉ. वेद आई फ्लू के मरीजों को जांचकर उपचार दे रहे हैं। सीएचसी सकीट के एमओआईसी डॉ. गौरव यादव ने बताया कि उनके यहां सामान्य ओपीडी में प्रतिदिन आई फ्लू के 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। इनको जांच कर उपचार दिया जा रहा है। सीएचसी जलेसर एमओआईसी डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि उनके यहां प्रतिदिन आई फ्लू के 20 से 25 रोगी आ रहे हैं। इनको आप्टोमिस्ट असिस्टेंट रामप्रकाश त्यागी जांच कर उपचार देने का काम कर रहे हैं। सीएचसी चुरथरा एमओआईसी डॉ. बृजेश कुमार शर्मा ने बताया कि सीएचसी, पीएचसी अवागढ़ में आई फ्लू के 70 से 80 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं।