न्यायालय में पुलिस विवेचक द्वारा फर्जी बयान अंकित कर रिपोर्ट दाखिल पर आपत्ति दर्ज विवेचक पर कार्यवाही की मांग।

मैनपुरी सिविल कोर्ट सीजीएम न्यायालय में पीड़ित महिला अधिवक्ता द्वारा पूर्व पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित और कोतवाली आगरा गेट चौकी इंचार्ज अरुण कुमार के विरुद्ध 166a और 166 आईपीसी में प्रार्थना पत्र दिया था जिसकी आख्या कोतवाली प्रभारी द्वारा द्वारा दिनांक 10 जनवरी 2023 को सीजेएम न्यायालय में दाखिल की थी जिसमें पीड़िता की बहन के बयान देकर अंकित किए गए थे कि अभियुक्त प्रियांशू पुरोहित पीड़िता से मंदिर में मिलने व देखने आया और शादी की बात न बनने के कारण मुकदमा दर्ज किया जबकि पीड़िता की बहन से विवेचक अरुण कुमार कभी मिला ही नहीं और ना ही पीड़िता की बहन ने विवेचक अरुण कुमार को यह बयान दिया जबकि पीड़िता की बहन आज सीजेएम न्यायालय ने शपथ पत्र भी दिया कि उसने अरुण कुमार को कोई बयान नहीं दिया और ना ही वह मिली जबकि उसे अपनी छोटी बहन पीड़िता के संबंध में पूरे केस की जानकारी है विवेचक अरुण कुमार द्वारा का फर्जी बयान दर्ज करके माननीय सीजेएम न्यायालय में दाखिल किया है जिस पर अधिवक्ता बृजेंद्र यादव, देवेंद्र सिंह कटारिया, ओमप्रकाश कठेरिया ने सीजेएम ने महोदय से उप निरीक्षक अरुण कुमार के विरुद्ध 166-a के साथ-साथ 177 आईपीसी में न्यायालय को गुमराह कर झूठी जानकारी देने का अपराध किया है इसके तहत अरुण कुमार पुलिस उपनिरीक्षक के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करते हुए उसे गलत मुकदमा पंजीकृत किया जाए जिससे पीड़ित महिला अधिवक्ता को न्याय मिल सके महिला अधिवक्ता को पुलिस पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं रहा है क्योंकि वह शनिवार को मैनपुरी के सदर विधायक तथा उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री माननीय जयवीर सिंह जी से मुलाकात की उसके बावजूद भी पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा उसकी विवेचना नहीं बदली जा रही है ऐसा प्रतीत होता है कि मैनपुरी पुलिस महिलाओं के प्रति निष्क्रिय हो गई है और महिला उत्पीड़न में सिर्फ दिखावा कर रही है किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं कर रही जबकि झूठी वाहवाही के रूप में यह कहती है कि महिलाओं के प्रति पुलिस सजक है उसके बाद भी भी मैनपुरी पुलिस पीड़ित महिला के अधिवक्ता के आरोपी को आज दिन तक गिरफ्तार कर रही है और ना ही किसी प्रकार की वारंट न्यायालय से ले रही है आज सीजेएम न्यायालय में पीड़िता के अधिवक्ताओं ने जो रिपोर्ट विवेचक ने दाखिल की और विवेचक पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए मांग की गई