ब्रेकअप हुआ तो ऑनलाइन मंगाया तेजाब, पढ़ें दिल्ली एसिड अटैक की पूरी कहानी

ब्रेकअप हुआ तो ऑनलाइन मंगाया तेजाब, पढ़ें दिल्ली एसिड अटैक की पूरी कहानी, रिपोर्ट योगेश मुदगल

पश्चिमी दिल्ली में बुधवार सुबह 17 वर्षीय किशोरी पर तेजाब फेंकने के मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
दिल्ली में स्कूली छात्रा पर तेजाब फेंकने की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस संबंध में मुख्य आरोपी समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि लड़की के दोस्ती से इनकार करने पर पड़ोस में रहने वाले युवक ने ही दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। यह जानकारी बुधवार को स्पेशल कर्मिशनर लॉ एंड ऑर्डर सागर प्रीत हुडा ने दी। 
उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी सचिन अरोड़ा और दोनों साथियों हर्षित अग्रवाल व वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों ही बालिग हैं। मुख्य आरोपी छात्रा के पड़ोस में ही रहता है। आरोपी सचिन उससे दोस्ती करना चाहता था, लेकिन छात्रा इनकार कर दिया था। हालांकि इसके बाद भी आरोपी ने छात्रा के पीछे पड़ा रहा और बदला लेने की साजिश अपने दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर रची।
बाइक से पहुंचा
मुख्य आरोपी अपने एक साथी हर्षित अग्रवाल के साथ मिलकर बाइक पर सवार होकर मौके पर पहुंचा था। इनका तीसरा साथी वीरेंद्र सिंह उर्फ सोनू मुख्य आरोपी सचिन की स्कूटी और उसका मोबाइल फोन लेकर उसके कपड़े पहन कर कहीं और चला गया था। पुलिस ने पहले दो आरोपियों सचिन व हर्षित को पुलिस ने दबोचा। बाद पूछताछ के बाद इनके तीसरे साथी वीरेंद्र सिंह को भी दबोच लिया। 
पुलिस को चकमा देने की कोशिश
तीसरे साथी वीरेंद्र सिंह का रोल यह था कि वह सचिन के कहने पर पुलिस को चमका देना चाहता था। दरअसल, इन्होंने यह साजिश रची थी कि जब पुलिस मामले की जांच करेगी तो यह पता चलेगा कि सचिन कहीं और था। क्योंकि उसकी स्कूटी व मोबाइल फोन के साथ वीरेंद्र घटनास्थल से कहीं दूर था, ताकि तकनीकी जांच में फोन की लोकेशन अलग जगह की मिले। वहीं, अगर सीसीटीवी फुटेज देखी जाए तो उसकी स्कूटी व कपड़े के आधार पर यह पता चला कि जहां उसके फोन की लोकेशन थी, घटना के वक्त वह वहीं पर था। 
ऑनलाइन मंगाया तेजाब
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि सचिन अरोड़ा ने तेजाब खरीदने के लिए एक शॉपिंग साइट के जरिये ऑनलाइन आर्डर किया था। इसकी पेमेंट भी उसने ऑनलाइन ही की थी। उसे शक था कि तेजाब फेंके जाने पर जब पुलिस जांच करेगी तो आसपास के दुकानों से तेजाब लेने पर कहीं उसकी पोल न खुल जाए। इसलिए उसने वारदात की साजिश रचने के साथ पुलिस से बचने के तरीके पर भी दोस्तों से चर्चा की। इसके बाद यह तय हुआ कि तेजाब ऑनलाइन खरीदा जाएगा। 

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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