
आठ वर्षों में वह भले ही एटा ना आए हो, लेकिन एटा के लोगों के बारे में जानकारी रखते थे
2014 के लोकसभा चुनाव के बाद वह एटा नहीं और
एटा के चुनावी गणित को भली भांति समझते थे,इस लिए जिले की राजनीति में काफी अच्छा दखल था
एटा, कार्यालय संवाददाता। मुलायम सिंह यादव को एटा से बेहद लगाव था। जब भी कोई व्यक्ति उसने मिलने के लिए जाता था, उससे एटा के सभी परिचितों के बारे में जानकारी करते थे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद वह एटा नहीं आए।
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में अप्रैल के महीने में जीआईसी मैदान में चुनावी जनसभा की थी। इस जनसभा में उन्होंने काफी जोशीला भाषण दिया था। उनके रैली के तीन दिन बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली हुई थी। यह रैली काफी चर्चाओं में रही थी। हैलीकाप्टर से वह जनसभा को संबोंधित करने के लिए आए थे। इन आठ वर्षों में वह भले ही एटा ना आए हो, लेकिन एटा के लोगों के बारे में जानकारी करते रहे। प्रत्याशियों के चयन से लेकर वोटों के गणित की पूरी जानकारी होती थी। विधान सभा चुनाव में कौन सी सीट में क्या गणित रहेगा इसके बारे में भी पूरी सूचना रहती थी। टिकट की दावेदारी करने वालों को उनके सामने ही कह देते थे कि तुम चुनाव नहीं जीत पाओंगे। खास बात यह है कि अधिकांश लोगों को वह नाम से जानते थे। लंबें समय तक जब वह एटा नहीं आए तो टेलीफोन से संपर्क में रहते थे। चुनाव के दौरान भी फोन से पूरी जानकारी रखते थे। आज पूरा जनपद मुलायम सिंह यादव को याद कर रहा है।
” पर्यटन मंत्री के साथ भाजपा के नेता पहुंचे
मैनपुरी। मैनपुरी के विधायक और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह सपा मुखिया को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर मैनपुरी के भाजपा नेताओं का काफिला भी पहुंच गया था। विधायक रामनरेश अग्निहोत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान, प्रेम सिंह शाक्य, प्रदीप चौहान राज, पूर्व विधायक अशोक सिंह चौहान, आलोक गुप्ता, प्रदीप तिवारी, सहित भाजपा के बड़े लीडर मुलायम को श्रद्धांजलि देने सैफई पहुंचे।”