2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश तेज होती दिख रही है

2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश तेज होती दिख रही है. हरियाणा के फतेहाबाद में आज पूर्व उप-प्रधानमंत्री और इनेलो के संस्थापक चौधरी देवी लाल की जयंती के अवसर इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) ने मेगा रैली आयोजित की है.इस रैली में शामिल होने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं बुलाया गया है.

पिछले दिनों इनेलो सुप्रीमो और हरियाणा के पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला ने रैली की घोषणा करते हुए कहा था कि 25 सितंबर को तीसरा मोर्चा की रूपरेखा तैयार होगी.

पिछले महीने नीतीश कुमार ने ओम प्रकाश चौटाला से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी. ऐसा माना जा रहा है कि नीतीश कुमार और शरद पवार ने ही चौटाला को 25 सितंबर के मौके पर विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की सलाह दी थी.

विपक्षी एकता के जरिए इनेलो भी हरियाणा में अपने खोए हुए जनाधार को इकट्ठा करने की फिराक में है. जब से चौटाला परिवार अलग हुआ है, तब से पार्टी का जनाधार कमजोर पड़ा है. अगर ऐसा होता है तो हरियाणा में इतिहास ही दोहराया जाएगा जब चौधरी देवीलाल ने 1977 और 1989 में विपक्षी दलों को एक मंच पर खड़ा किया था.

नीतीश, पवार, फारूक समेत कई नेता होंगे शामिल

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक इस रैली में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता मंच साझा करेंगे. इनके अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और बीजेपी के बीरेंद्र सिंह भी शामिल होंगे.

ओम प्रकाश चौटाला ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और तेदेपा के चंद्रबाबू नायडू सहित कई अन्य क्षेत्रीय दिग्गजों को जनसभा में भाग लेने के लिए निमंत्रण भेजा है. टीएमसी की तरफ से विधायक विवेक गुप्ता पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी न्योता दिया गया है.

सोनिया गांधी से मिल सकते हैं नीतीश और लालू

इनेलो के मंच पर इतने सारे क्षेत्रीय क्षत्रपों के एक साथ आने को विपक्षी एकता बनाने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है. इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नीतीश कुमार और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के रैली के बाद आज ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिल सकते हैं.

समान विचारधारा वाले दलों को मिलेगी मजबूती

जद (यू) नेता केसी त्यागी ने कहा,’यह एक ऐतिहासिक सभा होगी, जो 2024 के लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ समान विचारधारा वाली ताकतों को मजबूत करेगी.’

वहीं इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव अभय चौटाला ने कहा,’इस रैली में देश भर के विपक्षी नेता एक मंच पर आएंगे और यह 2024 के चुनावों से पहले दलों के बीच एकता को और मजबूत करेगा.’

बीजेपी के साथ ठीक नहीं बीरेंद्र सिंह के रिश्ते

बीजेपी नेतृत्व के साथ बीरेंद्र सिंह के समीकरण पिछले कुछ समय से खराब हैं, हालांकि उनके बेटे बृजेंद्र सिंह हरियाणा के हिसार से पार्टी के लोकसभा सदस्य हैं.

इनेलो के लिए रैली को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जो हरियाणा में ओम प्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय चौटाला द्वारा जननायक जनता पार्टी (जजपा) के गठन के बाद विभाजन के बाद अस्तित्व के लिए लड़ रही है. जजपा, बीजेपी की सहयोगी पार्टी है.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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