बिना मान्यता वाले मदरसों किए जाएंगे चिन्हित, इन बिंदुओं पर तैयार होगी रिपोर्ट, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा जिले में 48 मदरसों का संचालन किया जा रहा है। इनका लेखा-जोखा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के पास है। हालांकि इनके अलावा बिना मान्यता के भी मदरसे चलाए जाने की संभावनाएं हैं। शासन की ओर से मदरसों की जांच का फरमान जारी किया गया है। जिलाधिकारी ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है, जिसमें जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और संबंधित तहसील के एसडीएम को शामिल किया गया है।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
चोरी-छिपे चलने वाले मदरसों की जांच के दौरान संचालन की गतिविधियां कैसे हो रही हैं, बच्चे कितने हैं और शिक्षकों को वेतन आदि कैसे दिया जा रहा है? मदरसा संचालन के लिए आय के क्या स्रोत हैं। ऐसे ही तमाम बिंदुओं का शामिल किया गया है। पूरी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि जिले में एक भी राजकीय या सहायता प्राप्त मदरसा संचालित नहीं है। जिन 48 मदरसों की मान्यता लेकर संचालन हो रहा है उनमें पांच 10वीं तक (आलिया), दो 12वीं तक (उच्च आलिया), 41 पाचवीं व आठवीं तक (तैतानिया व फौकानिया) हैं।
तीनों तहसीलों में की जा रही जांच
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी प्रभारी यश कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में बिना चलने वाले मदरसों की जांच शुरू कर दी गई है। पांच अक्टूबर तक रिपोर्ट शासन को भेजनी है। जिलाधिकारी की ओर से टीमों का गठन कर दिया गया है। तीनों तहसीलों में जांच की जा रही है।