जिला प्रशासन का कारनामा जाति पूँछकर नहीं दी जिलाधिकारी ने पी.एम की परमिशन

जिला प्रशासन का कारनामा जाति पूँछकर नहीं दी जिलाधिकारी ने पी.एम की परमिशन। डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को खुले आसमान के नीचे बितानी पड़ी रात। एटा- जिला प्रशासन किस हद तक गिर जाएगा ? इसका आँकलन आप नहीं कर सकते हो।यहां एटा में जाति पुँछकर पी.एम की कार्यवाई होने लगी है। हुआ यूँ कि जनपद फिरोजाबाद के जसराना तहसील के गांव उस्मानपुर निवासी साहवीर सिंह पुत्र अनार सिंह अपने गांव से कासगंज के थाना दरियागंज क्षेत्र के गांव नगला भूरी जा रहा था। लगभग दिन मे 3:00 बजे गंगनपुर पर आया ही था कि जोर से बारिश होने लगी। और वह मोटरसाइकिल साइड मे खड़ी करके बारिश से बचने लगा। उसे क्या मालूम था कि खड़े होना उसकी मौत होना है। पीछे से तेज गति से आ रही मैक्स पिकअप UP86T4606ने जोरदार टक्कर मार दी। जिससे उसकी घटनास्थल पर मौत हो गई। गंगनपुर से कोतवाली नगर की दूरी महज 2 किलोमीटर है। पुलिस को सूचना देने के बाद f.i.r. की कार्रवाई रात्रि 8:06 बजेलिखी गई।मृतक के परिजन जिलाधिकारी आवास पर इस उम्मीद के साथ गए कि उन्हे रात्रि में पी.एम की परमिशन मिल जाएगी। लेकिन जिलाधिकारी एटा ने उनकी जाति को पूँछ कर उन्हें वापिस कर दिया। कहा कि रात्रि में परमिशन की क्या आवश्यकता है? पूरी रात जिला प्रशासन की तरफ से कोई भी आदमी नहीं था। प्रातः 10:00 बजे तक भी किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही सामने नहीं आ रही थी। आखिर जिला प्रशासन इस स्तर तक गिर जाएगा इसका आँकलन नहीं था। क्या जिला प्रशासन भविष्य में भी इसी तरीका से गिरे स्तर की बात और हरकतें करते रहेंगा? अथवा यह अपने पद के मुताबिक जनता का काम करते रहेंगे।जिलाधिकारी से ही जिले की जनता को मदद की उम्मीद होती है।लेकिन पी.एम.पर आये फिरोजाबाद के ब्यक्तियो को एटा प्रशासन ने बेरुखी का परिचय दिया। (पत्रकार जसवन्त सिंह यादव)

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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