*नहीं बने खेल मैदान, कैसे बनें खिलाड़ी प्रतिभावान, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा। ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को निखारने का जिम्मा जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग को सौंपा गया है। विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों के लिए विभाग ने जिला योजना में 25 लाख रुपये मांगे लेकिन कुल 2 लाख रुपये मिल सके। जिसकी वजह से खेल मैदानों का विकास तो दूर, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित तक नहीं किया जा सका।
जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक दल को वित्तीय वर्ष 2021-22 की जिला योजना में सिर्फ 2 लाख 72 हजार रुपये का बजट मिला। जिसकी वजह से विभाग को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखार नहीं सका। वहीं प्रतियोगिता के आयोजन में खिलाड़ियों के लिए उचित खान-पान की व्यवस्था तक नहीं हो सकी। यहां तक कि खिलाड़ियों को पुरस्कार तक मिलना मुश्किल हो गया। वहीं जिले के प्रत्येक ब्लॉक में दो खेल मैदान विकसित किए जाने थे लेकिन बजट के अभाव में अभी तक खेल मैदान विकसित नहीं हो सके। जिसकी वजह से खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।