रोड पर बने गड्ढ़े इन दिनों लोगों की परेशानियों का सबब बने,रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा : जलेसर कस्वा जलेसर से 3 किमी0 दूर वात्सल्य रत्नाकर आचार्य श्री विमल सागर जी की जन्मस्थली कोसमा में जलेसर फ़िरोज़ाबाद मार्ग रोड पर बने गड्ढ़े इन दिनों लोगों की परेशानियों का सबब बने हुए हैं। रेलवे फाटक के पास ख़तरनाक खाई से लेकर कोसमा गाँव तक दर्जनों गड्ढे हैं। उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध वात्सल्य आरोग्य धाम चौराहा कोसमा पर हालात बेहद खराब हो चुके हैं।

हल्की बारिश से जलभराव की समस्या बन जाती है। इस वक्त प्रदेश भर में मानसून की भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में यह गड्ढे परेशानी को और भी ज्यादा बढाएंगे। जहाँ-जहाँ जलभराव की समस्या हो रही है वहां पर सड़क तेजी से टूट रही है। यहाँ पर पिछले करीब छः माह से जलभराव की समस्या है। ऐसे में सड़क का टूटना स्वाभाविक है। संबंधित विभाग द्वारा समय रहते इसकी देख संभाल नहीं की गई है। जिसके चलते हालात काफी गंभीर बन गए हैं। वात्सल्य रत्नाकर आचार्य श्री विमल सागर जी की जन्मस्थली होने के नाते क्षेत्रीय सांसद, विधायक, मंत्री, कानूनमंत्री, मेयर आगरा, चैयरमेन, जिलाध्यक्ष BJP आदि जैसे वीआईपी लोगों के साथ विदेशों से एवं भारत के कौने-कौने से टूरिस्ट्स एवं भक्तगणों का आना जाना रहता है एवं विशाल मेले का भी आयोजन होता है परन्तु टूटे रोड़ के लिए आबाज उठाना किसी ने मुनासिब नहीं समझा है इसी फ़िरोज़ाबाद मार्ग से सैकड़ों छात्र/छात्राएं पढ़ने के लिए जलेसर आते/जाते हैं।

इसके अलावा पूरा दिन इस रोड पर स्थित दुकानों से सामान खरीदने वाले लोगों का तांता लगा रहता है। सड़क की हालत खस्ता होने के कारण यहां से गुजरते समय वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो जाती है और रोड पर जाम के हालात बने रहते हैं। सड़क जर्जर होने के कारण पूरे दिन यहां धूल उड़ती रहती है। यह धूल आसपास दुकानों में रखे सामान पर जम जाती है। जिसके कारण दुकानदारों को परेशानियां होती हैं। इसके अलावा धूल सांस लेते समय शरीर में चली जाती है। जिससे श्वास संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। यही नहीं वाहन चालकों को भी यह गड्ढे एवं धूल काफी परेशान करती है। यहाँ से गुजरने वाले आम राहगीरों ने भी मरम्मत की लगाई गुहार है। कोसमा के दुकानदारों ने रोड की मरम्मत करवाने की मांग की है।

दुकानदारों का कहना है कि सड़क दिन प्रतिदिन टूट रही है। ऐसे में यदि सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत नहीं की गई तो हालत और भी गंभीर बन जाएंगे

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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