
काशीराम कालोनी अलीगंज बनी अवैध धंधों की पर्याय।
शाम होते ही मादक पदार्थो अवैध शराब, के सुरूर में झूमते मिलते हैं,नशेड़ी।
कालोनी में अवैध रूप से रह रहे बाहरी लोग।
एटा।अलीगंज सरौठ मार्ग पर भरापूरा गाँव की सीमा में बनी कांसीराम कॉलोनी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार यहाँ पर जिन लोगों के नाम इस कालोनी में फ्लैट आवंटित हुए हैं, उनमें अधिकांश लोग पूर्व की सरकार के रहमोकरम पर अपने बाहुबल के चलते इस कालोनी में फ्लैट पाने में सफल हुए,जबकि वास्तविकता यह है, कि अलीगंज नगर में उनके स्वयं के बहुमंजिली मकान हैं।लेकिन इस कालोनी को ऐसे लोगों ने अपने ऐशगाह के रूप में प्रयोग में लाने के लिए अवैध रूप से कॉलोनी में फ्लैट आवंटित करा लिए थे।वर्तमान में यहाँ रहने वाले लोगों के पास स्वयं के आवंटित फ्लैट नहीं हैं, बल्कि ये लोग अवैध रूप से इन फ्लैट में रह रहे हैं।कॉलोनी के ही वाशिन्दों ने बताया कि यहां शाम ढलते ही मादक पदार्थों के साथ शराब पीकर लोग झूमते हुए अनाप शनाप बकते हैं, सबसे महत्वपूर्ण तथ्य जो उजागर हुआ,उसमें वहां रह रहे कुछ लोगों ने बताया कि यहाँ कुछ लोग तंत्र विद्या के माध्यम से झाड़फूंक का काम भी करते हैं, जिससे यहाँ आये दिन झाड़फूंक कराने वालों की भीड़ देखी जा सकती है।कुल मिलाकर अलीगंज में बनी कांसीराम कॉलोनी एक तरह से अय्यासी का अड्डा बन कर रह गई है।ऐसा नहीं इसकी भनक स्थानीय प्रशासन को नहीं है,क्योंकि कि पूर्व में एक दो बार यहाँ स्थानीय पालिका के हस्तक्षेप के चलते अवैध रूप से रहने वालों को भगाया भी गया है, लेकिन जरा सी ढील के बाद फिर वही हाल हो जाता है।अतः स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह नगर पालिका अलीगंज से कालोनी के पात्र आवंटित लोगों के अलावा अवैध रूप से रहने वालों को यहां से बाहर का रास्ता दिखाए,नहीं तो किसी दिन कोई अप्रिय घटना घटी तो पूरा ठीकरा स्थानीय प्रशासन पर ही फूटेगा।