
यूपी के सात नर्सिंग कॉलेजों में इतने पदों पर होगी भर्ती, शुरू हो गई तैयारी
लखनऊ
नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को लेकर यूपी की केरल सहित दूसरे राज्यों पर निर्भरता खत्म होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग का पूरा फोकस अब प्रदेश में ट्रेंड और गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग स्टाफ तैयार करने पर है। इसकी पहल शुरू हो चुकी है। प्रदेश के सात मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध नर्सिंग कॉलेजों में करीब 160 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रिंसीपल से लेकर ट्यूटर तक की नियुक्ति की जाएगी। विभाग जल्द नियुक्तियों का विज्ञापन जारी करने जा रहा है।
नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की बात करें तो यूपी में अभी सरकारी क्षेत्र की भागीदारी इसमें बहुत कम है। केवल साढ़े चार फीसदी नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ सरकारी कॉलेजों में तैयार हो रहे हैं। बाकी 95 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी निजी क्षेत्र के कॉलेजों की है। नतीजा यह है कि हाल ही में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के लिए 4743 स्टाफ नर्सों के लिए लोक सेवा आयोग द्वारा कराई गई भर्ती प्रक्रिया में सिर्फ 3014 सफल अभ्यर्थी ही मिल सके थे जबकि परीक्षा में एक लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
इस विसंगति को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने सरकारी क्षेत्र की इस दिशा में भागीदारी बढ़ाने का फैसला किया है। सात नर्सिंग कॉलेजों में 160 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पदों का सृजन होने के साथ ही विभाग को भर्ती की अनुमति भी मिल चुकी है। इनमें गोरखपुर, आगरा, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ, कन्नौज, झांसी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध नर्सिंग कॉलेज शामिल हैं। इन कॉलेजों में नर्सिंग में 40-40 एडमीशन भी हो चुके हैं।
प्रिंसीपल सहित इन पदों पर होगी भर्ती
इन कॉलेजों में प्रिंसीपल, वाइस प्रिंसीपल, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और ट्यूटर के पद शामिल हैं। फिलहाल इन सभी को कॉन्ट्रेक्ट पर रखा जाएगा। वहीं इन पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए अधियाचन भी आयोग को भेजा जा चुका है।
एक डॉक्टर पर 3-3 नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ का मानक
प्रदेश सरकार वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के संकल्प के तहत राज्य के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण करा रही है। इसमें 16 जिले ऐसे हैं जहां पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने हैं। इन कॉलेजों से राज्य की मेडिकल सीटें तो बढ़ जाएंगी लेकिन मानक एक डॉक्टर पर तीन नर्सिंग और इतने ही पैरामेडिकल स्टाफ का है। प्रदेश में फिलहाल नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण यह मानक पूरे नहीं हो पा रहे।
अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि यूपी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सरकार का फोकस प्रदेश में बेहतर नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ तैयार करने पर है सात नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी की भर्ती प्रक्रिया शुरू करके इस दिशा में कदम बढ़ाया गया है