
मेडिकल कॉलेज के रास्तों में पानी व कीचड़ से मुसीबत
एटा। मेडिकल कॉलेज परिसर में अभी भी जलभराव व कीचड़ से मरीज और तीमारदारों को राहत नहीं मिल सकी है। लोग कीचड़ से ही निकलने को मजबूर हैं। मेडिकल कालेज के अधिकारियों ने पिछले महीने कवायद की, जो रंग नहीं ला सकी। स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज परिसर में ऊबड-खाबड़ रास्तों में भरे पानी और कीचड़ से निजात नहीं मिल पा रही है। इन रास्तों से हर रोज मेडिकल कॉलेज के अधिकारी भी निकलते हैं। इसके बावजूद भी कार्य नहीं कराया जा रहा है। वर्तमान में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के पास से गुजरने वाले रास्ते पर पानी भरा हुआ है।
ओटी से ऑपरेशन के बाद इसी रास्ते से मरीजों को स्ट्रेचर से वार्ड में ले जाया जाता है। ऐसे में मरीजों को लेकर भी स्वास्थ्य कर्मी बहुत जोखिम उठाते हैं। इसके अलावा मरीज व तीमारदार भी कीचड़युक्त रास्ते से ही निकलने को मजबूर हैं। इस रास्ते से दुपहिया और चार पहिया वाहन भी गुजरते हैं। इन वाहनों के निकलते समय मरीज और तीमारदारों के कई बार कपड़े भी गंदे हो चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज परिसर के अंदर के सभी रास्ते प्राथमिकता के आधार पर सही कराए जाएंगे। 31 मार्च तक वित्तीय वर्ष के कामकाज निपटाए जा रहे हैं। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
डॉ. रजनी पटेल, उप प्राचार्य मेडिकल कॉलेज