
ब्राह्मण वोटरों की उदासीनता से भाजपा ने हारी पटियाली सीट
जनपद कासगंज की कासगंज सदर और अमांपुर सीट पर भारी के अनुमान को तोड कर भाजपा के देवेन्द्र सिंह राजपूत और अमांपुर सीट से भाजपा के हरिओम वर्मा भारी मतों से इस चुनाव में विजयी रहे , जबकि पटियाली सीट पर समाज वादी की नादिरा सुल्तान ने 4002 मतों से मात्र भाजपा के ममतेश शाक्य को शिकस्त दे दी, कासगंज में भाजपा के देवेन्द्र सिंह राजपूत को 123410, सपा के मान पाल सिंह को 77145 तथा बसपा के मौ. आरिफ़ को 23001 मत तथा डाक मत भाजपा को 311, सपा को 660 तथा बस पा को 65 मत प्राप्त हुए, उधर अमांपुर में भाजपा के हरिओम वर्मा को 95973 , सपा के सत्य भान शाक्य को 52700 बसपा के सुभाष शाक्य को 35227 मत प्राप्त हुएं इस तरह भाजपा प्रत्याशी को 43273 मतों से शानदार विजय हासिल हुई लेकिन पटियाली सीट पर सपा की नादिरा सुल्तान को 91958, भाजपा के ममतेश शाक्य को 87957 मत प्राप्त हुए तथा बसपा के प्रो. नीरज किशोर मिश्रा को 30626 मत प्राप्त हुए इनमें डाक मत भी शामिल हैं इस तरह 4001 मत से नादिरा सुल्तान विजयी रही! अब राज नैतिक विश्लेषकों का मानना है कि आखिर जब दो सीटें भाजपा ने भारी अन्तर से जीतीं तो आखिर क्या वजह रही कि भाजपा पटियाली सीट नहीं जीत नहीं पाई, उनका कहना है कि पटियाली क्षेत्र में ब्राह्मण वर्ग के 84+52 गां व है जहाँ का ब्राह्मण वोटर उदासीन हो गया एक ओर तो उसके लिए मोदी जी का त्याग, समर्पण और राष्ट्रीय मुद्दे एवं योगी जी की कानून व्यवस्था, और विकास था दूसरी ओर नीरज मिश्रा को सहयोग करना भावनात्मक सवाल आखिर ब्राह्मण वोटरों दोनों जगह बंटा और एक बड़ा प्रति शत इन्हीं सवालों के चलते वोट देने ही नहीं गया और नतीजा सामने आ गया कि मात्र 4001 वोट से भाजपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा!