
डीएम आवास पर हंगामा करते 5 लोग छः माह के लिए जिला बदर – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – बरौली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों के नामाकन पत्र निरस्त होने के बाद डीएम आवास पर हंगामा करने वाले पाच लोगों को छह महीने के लिए जिला बदर किया गया है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एडीएम सिटी न्यायालय से इस संबंध में आदेश जारी हुआ है। इसमें जनसत्ता दल लोकतात्रिक के दावेदार हेमवंत सिंह चौहान, किसान मजदूर संघ पार्टी के पवन शर्मा, निर्दलीय रूप से नामांकन करने वाले अनार सिंह वर्मा, केशव सिंह बघेल व विनीत कुमार शामिल हैं। पुलिस-प्रशासन को इनसे शातिभंग होने का अंदेशा था। शशि राजपूत के मामले में सुनवाई चल रही है।जिले की सातों सीटों पर पहले चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 14 से 21 जनवरी तक नामाकन हुए थे। इसमें बरौली विधानसभा क्षेत्र से 13 नामाकन दाखिल हुए थे। 24 जनवरी को नामाकन पत्रों की जाच हुई। बरौली की रिटर्निंग आफिसर ने कमिया मिलने पर छह नामाकन पत्रों को निरस्त कर दिया। इनमें राष्ट्रीय क्रांति पार्टी की शशि राजपूत, जनसत्ता पार्टी लोकतात्रिक के हेमवंत सिंह चौहान, निर्दलीय विनीत कुमार, केशव सिंह बघेल व पवन शर्मा शामिल थे। नामाकन पत्र निरस्त होने की जानकारी होने पर संबंधित लोगों ने कलेक्ट्रेट में नारेबाजी की। इसके बाद समर्थकों के साथ डीएम आवास पर पहुंच गए और नारेबाजी कर धरने पर बैठ गए। पुलिस व प्रशासन के समझाने के बाद भी शात नहीं हुए। महिला दावेदार शशि राजपूत तो डीएम सेल्वा कुमारी जे. की गाड़ी के सामने लेट गई थीं। करीब दो घटे बाद हंगामा शात हुआ था। पुलिस की तरफ से सिविल लाइंस थाने में सरकारी कार्य में बाधा डालने व हंगामा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें छह नामजद व दर्जनों अज्ञात शामिल थे। पुलिस ने इस घटना के दो दिन बाद नामजद आरोपितों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट प्रशासन को भेजी। इस पर एडीएम सिटी के न्यायालय से सभी को नोटिस जारी किए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सोमवार को छह में से पाच लोगों को जिला बदर कर दिया गया है।