
युवती से दुष्कर्म मामले में सात साल की सजा, 20 हजार जुर्माना – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – एडीजे तृतीय वीरेंद्र नाथ पांडेय की अदालत ने मिशन शक्ति के तहत युवती से दुष्कर्म के मामले में दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने इसमें से 10 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।एडीजीसी कुलदीप तोमर के मुताबिक, दुष्कर्म की यह घटना छर्रा थाना क्षेत्र के एक गांव में 29 अप्रैल 2016 को हुई थी। युवती के पिता ने तहरीर दी थी। इसमें कहा था कि वह अपनी पत्नी के साथ मजदूरी करने गए थे। इनके पीछे 15 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी, जो मानसिक रूप से अवस्थ बताई गई, जिसका मानसिक रोग विशेषज्ञ के यहां उपचार चल रहा था। इसी दौरान मोहल्ले का राजेश घर में घुस आया और उसने बेटी के मानसिक रोगी होने का फायदा उठाते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। बेटी के शोर मचाने पर राजेश उसके साथ मारपीट करके भाग गया। शाम को लड़की के मां-बाप मजदूरी कर घर लौटे बेटी ने अपनी मां को रो-रोकर पूरी घटना बताई। इसके बाद युवती के माता-पिता जब राजेश के घर पर शिकायत करने गए तो उसके भाई ने गाली-गलौज की। साथ ही युवती की मां के साथ मारपीट करने पर उतारू हो गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पाक्सो व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। लेकिन, जांच व मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पीड़िता की उम्र 18 वर्ष पाई गई। ऐसे में पुलिस ने दुष्कर्म व धमकी देने की धारा में ही आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने आरोपित को तलब किया और मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों से गवाह तलब किए गए। सुबूत भी मांगे गए। अदालत ने सत्र परीक्षण, सुबूतों व गवाहों के आधार पर राजेश को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।