भ्रष्टाचार की वजह से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है..!!

बढ़ती महंगाई भी कुपोषण की समस्या को और बढ़ा रही…!!

भ्रष्टाचार की वजह से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है..!!

देश में कुपोषण एक राष्ट्रीय समस्या बन चुका है!वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2021 में 116 देशों की सूची में हमारा देश का 101 वें स्थान पर पहुंच जाना बेहद निराशाजनक है! जानकारी के अनुसार देश की पंद्रह फीसद आबादी अल्पपोषित है! यह अजीब विडंबना है कि जो देश खाद्यान्न और दूध उत्पादन में दुनिया में अव्वल है जहां सरकारी गोदामों में अनाज सड़ रहे हैं उसी देश में दुनिया के सर्वाधिक कुपोषित बच्चे हैं! एक ओर सरकार कुपोषण दूर करने के लिए मध्याह्न भोजन और मुफ्त राशन जैसी योजनाएं चला रही है लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से उन जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है!कुपोषण की समस्या का सीधा संबंध गरीबी और बेरोजगारी से है! कोरोना काल के दौरान देश में गरीबी और बेरोजगारी में वृद्धि हुई है बढ़ती महंगाई भी कुपोषण की समस्या को और बढ़ा रहा है अगर लोगों को बेहतर रोजगार उपलब्ध हो उनकी आय में वृद्धि हो और उनके बीच शिक्षा का प्रसार हो तो कुपोषण की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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