यूपी : अखिलेश ने परिवार के साथ बिताया वक्त, चाचा शिवपाल को पिता के जन्मदिन 22 नवंबर को देंगे तोहफा

इटावा की दिवाली राजनीतिक मायने में काफी संकेत देती दिखती है। दिवाली के दिन सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सैफई में थे। उन्होंने परिवार के साथ काफी वक्त बिताया। पत्रकार मिले तो उनसे भी खुलकर बातें कीं। कई सवाल हुए, इसमें चाचा शिवपाल सिंह यादव की पार्टी से गठबंधन का सवाल भी आया? बोले- मैं तो तैयार हूं। हम विधानसभा चुनाव साथ लड़ेंगे। भास्कर को बताया कि 22 नवंबर को मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर इसका ऐलान कर सकते हैं।
अखिलेश यादव ने पिता मुलायम सिंह यादव की कोठी पर परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। इसके बाद वह यहां से सीधे अपने चाचा राजपाल यादव के यहां धर्मेंद्र यादव के साथ पहुंचे। उनके चाचा इस समय काफी बीमार हैं। उनका कुशल हाल पूछने के लिए वह यहां कुछ देर रुके। इस दौरान चचेरे भाई और जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव से मिले। दीपावली पर चाचा का आशीर्वाद लिया। इटावा आवास पर कुछ देर रुकने के बाद फिर वापस सैफई चले गए।
एक समय था जब चाचा-भतीजे शिवपाल और अखिलेश के बीच नाराजगी ऐसी थी कि एक-दूसरे के लिए कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे, लेकिन अब खटास कम होती नजर आ रही है। चुनाव के नजदीक आते ही दोनों एक-दूसरे को लेकर पूछे गए सवालों पर खुलकर बोल रहे हैं।
शिवपाल यादव, सम्मान की शर्त पर साथ होने को तैयार हैं, तो अब अखिलेश को भी चाचा से कोई दिक्कत नहीं है। अखिलेश ने चाचा शिवपाल की पार्टी से गठबंधन की बात साफ कर दी है। दिवाली में सैफई जाकर उन्होंने कहा कि वह चाचा के साथ लिए तैयार हैं।
अखिलेश यादव ने क्या कहा –
- चाचा शिवपाल सिंह यादव से गठबंधन करके विधानसभा चुनाव साथ लड़ेंगे, 22 नवंबर को मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं के सामने घोषणा कर सकते हैं।
- सपा लगातार क्षेत्रीय दलों से गठबंधन के प्रयास कर रही है। कई दल सपा के साथ आए हैं। ओमप्रकाश राजभर ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
- प्रदेश में किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। बागपत में एक किसान ने कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली।
- सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रही है। देश में जिस तरह से महंगाई बढ़ी है, जनता दुखी है।
सीएम योगी बताएं, इटावा के लिए उन्होंने पांच साल में क्या किया।