मिनट बुक में कार्यमुक्त ,फिर भी 50 करोड़ के प्रस्ताव पास
एटा ईओ की बर्खास्तगी को पालिका सभासद लामबंद
18 सभासदों ने सीएम को भेजा शिकायती पत्र

एटा। एटा नगर पालिका परिषद के 18 सभासदों ने अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। वे ईओ की बर्खास्तगी को लेकर लामबंद हो गए हैं। उनका आरोप है कि बोर्ड बैठक में 18 सभासदों के हस्ताक्षर मिनट बुक में ईओ की बर्खास्तगी को लेकर दर्ज होने के बावजूद ₹500000000 करोड़ के प्रस्ताव पास कर दिए गए। भाजपा नेता एवं सभासद बिट्टू पचौरी ने मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत के माध्यम से दर्ज कराया है।
दरअसल, 31 जुलाई वर्ष 2021 में नगर पालिका परिषद एटा की बोर्ड बैठक आयोजित की गई थी। इस बोर्ड बैठक में पालिका अध्यक्ष की उपस्थिति के दौरान सभासद दिलीप पचौरी उर्फ बिट्टू के अलावा सभासद शबनम बेगम, उमाकांत चतुर्वेदी, कुसुमा देवी, कुलदीप कुमार, शाइस्ता बेगम, रेनू गुप्ता, प्रेमलता, संगीता दिवाकर, साधना पुंडीर, रियाज अहमद, अनुज जैन, मनीष जैन, छोटी देवी, इंद्राज यादव, कांति देवी, फरजाना बेगम, निशा चौहान, हरीश प्रताप आदि १८ सभासदों ने मिनट बुक पर विशेष प्रस्ताव सर्वसम्मति से एटा के अधिशासी अधिकारी डॉ दीप कुमार वाष्र्णेय की बर्खास्तगी को लेकर दर्ज कराया था, इस दौरान अधिशासी अधिकारी द्वारा विरोधी सभासदों को यह चैलेंज भी किया गया कि वे लोग उनका स्थानांतरण नहीं करा पाएंगे और ना ही नगर पालिका से उन्हें बर्खास्त किया जा सकेगा। ऐसे में उपस्थित पालिका सभासदों ने अधिशासी अधिकारी की चेतावनी सुनकर बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया और सदन से बाहर चले गए थे। मगर इतना कुछ होने के बाद भी अधिशासी अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वर्ष 2021- 22 का बजट लगभग 50 करोड़ का अपने बोर्ड बैठक के प्रभारी अंकुर शर्मा के माध्यम से प्रस्ताव लिखवा कर स्वयं अपने हस्ताक्षर से पास करा लिया। इस घटना को नगर पालिका बोर्ड के दो तिहाई से अधिक सभासदों ने बेहद गंभीरता से लिया है।
सभासदों ने इस मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री को दिया है। सीएम के आइजीआरएस पोर्टल पर उपरोक्त सभासदों ने अपनी नाराजगी जताते हुए अधिशासी अधिकारी की हठधर्मिता पर अंकुश लगाए जाने और मिनट बुक में दर्ज बर्खास्तगी के प्रस्ताव के बावजूद पालिका का कार्यभार बदस्तूर जारी रखने पर कड़ा एतराज जताया है, उन्हें शीघ्र बर्खास्त किए जाने की मुख्यमंत्री से मांग की है।