पल्ला झाड़ नगरपालिका और उस पर आपकी चुप्पी काफी है आपके बच्चे की जान संकट में डालने के लिये

पहले अपना पेट एटा नगरपालिका की अध्यक्षा के बयान से भरें, फिर भी पेट में कुछ जगह बच जाए तो नगरपालिका के ईओ के बयान से भी भर लें
उसके बाद आंख बंद करके चादर तान कर सो जाओ
और अपने बच्चों को मरने के लिये छोड़ दो
आंख बंद रखने के बहुत लाभ हैं बन्द आंख न अच्छा देख सकती न बुरा
पहले बयान में नगरपालिका अध्यक्षा ने हर बार की तरह बडी चतुराई से अपनी सारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सारा दोष ईओ पर डाल दिया
और दूसरे बयान में एटा के ईओ ने भयंकर बाउंसर मारकर सबको सन्न कर दिया ओर बता दिया कि आल इस वेल
ध्यान रहे नगरपालिका के अंदर जनता द्वारा चुने नगरपालिका अध्यक्ष और जनता द्वारा ही चुने गए सभासदों के पास असमिति अधिकार होते हैं
ईओ सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी है जिसके पास सीमित ताकत होती है।
पिछले चार वर्षों से नगरपालिका अध्यक और ईओ के चक्कर में एटा की जनता चकरघिन्नी बनकर रह गयी है।
अध्यक्ष से पूंछो तो ईओ दोषी
ईओ से पूंछो तो अध्यक्ष दोषी
औऱ इन दो पाटों में पिस एटा की जनता रही है।
पहले फिरोजाबाद अब अलीगढ़ का पलवल
और हमारा समीपवर्ती जनपद कासगंज बच्चों की रहस्यमयी बीमारी का केंद्र बना हुआ है
अगर हम शीघ्र न जगे तो कई घरों के चिराग बूझेंगें।
कल की खबर से तो आप बेखबर नहीं होंगे
एक बच्ची जो बहुत बीमार थी एटा के जिला अस्पताल में इलाज के लिये आयी लेकिन एटा के चिकित्सकों ने उसे बिना देखे ही रेफर कर दिया
जब मेडिकल कॉलेज नहीं था तब भी आप रेफर ही होते थे मेडिकल कॉलेज पर 300 400 करोड़ खर्च करने के बाद भी आप रेफर ही हो रहे हो पता है न क्यों ???
क्योंकि आपको पिछले सत्तर वर्षों से चुप रहने की और सबकुछ सहने की जबरदस्त बीमारी लगी हुई है
आपकी ये बीमारी अब आपकी नस्लों के लिये परेशानी का सबब बन रही हैं।