झोपड़ी बनी कब्रगाह! जंगली हाथियों के झुंड ने दादा-दादी-पोते को कुचलकर मार डाला
अनूपपुर

बिजुरी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बेलगांव बीट के पटेरा टोला में बुधवार-गुरूवार की दरम्यानी रात जंगली हाथियों का झुंड साजा टोला बीट में विचरण कर रहा था, विचरण करते हुए रात में हाथियों का दल बेलगांव पहुंच गया, जहां पटेरा टोला में कुटिया बनाकर रह रहे गयादीन केवट पिता मोहर साय 60 वर्ष, उनकी पत्नी मुन्नी बाई 48 वर्ष तथा 4 वर्षीय मासूम पोता राज कुमार पिता पवन केवट को हाथियों के झुंड ने कुचल डाला, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. घटना रात करीब 1:00 बजे की बताई जा रही है, घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला एवं पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है, साथ ही कोतमा विधायक सुनील सर्राफ भी मौके पर पहुंचे हैं
वन अमले की लापरवाही से गई जान
मृतक के पुत्र पवन केवट ने बताया कि वह तथा उसकी पत्नी एवं भाई बेल गांव स्थित दूसरे घर में रहते थे, उसके पिता गयादीन मां मुन्नी बाई पटेरा टोला में बने कुटिया में रहते थे. गुरुवार की सुबह उसे सूचना मिली कि उसके माता-पिता एवं 4 वर्षीय मासूम बच्चे को जंगली हाथियों के दल ने कुचलकर मार डाला है, उसने इस बात से साफ इनकार किया कि उसके परिवार को वन अमले के द्वारा किसी भी तरह की सूचना दी गई थी या आगाह किया गया था
हाथियों के आने की नहीं मिली सूचना
कोतमा विधायक सुनील सर्राफ घटना की सूचना मिलने के बाद गुरुवार की सुबह मौके पर पहुंचे, जहां उनके द्वारा ग्रामीणों से वन अमले द्वारा सूचना दिए जाने की बात पूछी गई, जिस पर सरपंच राजभान सिंह तथा सचिव रज्जू यादव ने बताया कि रात में लगभग 10:00 बजे वन अमले ने हाथियों के दल के आने की सूचना दी थी, जिसकी जानकारी सोशल मीडिया पर ग्रामीणों को दे दी गई थी, जबकि वन अमले ने किसी भी तरह की मुनादी नहीं कराई. पीड़ित परिवार गरीब था, जोकि मजदूरी करके अपना पेट पालता था, मोबाइल भी नहीं था, ऐसे में हाथियों के पहुंचने की सूचना उस तक नहीं पहुंची, जिसके बाद रात के समय 7 सदस्यीय हाथियों के दल ने उस पर हमला करते हुए मौत के घाट उतार दिया