शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना राजकुमार की जमानत याचिका भी खारिज
विगत एक माह से जिला कारागार में है निरुद्ध

एटा।परफेक्ट साथी डॉट कॉम के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो बनाकर शादी का झांसा देकर लोगों के साथ ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना राजकुमार खाण्डे की कोई दलील सत्र न्यायालय के समक्ष नहीं चली। अपर सत्र न्यायाधीश रेप एंड पॉक्सो प्रथम एटा कुमार गौरव द्वारा दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के पश्चात अभियुक्त राजकुमार खांडे द्वारा प्रस्तुत की गई जमानत याचिका खारिज कर दी। इस मामले में मुख्य अभियुक्त राजकुमार की धर्मपत्नी अभियुक्त मुस्कान के साथ-साथ अभियुक्त रूबी व रक्षा की जमानत याचिका पहले ही अपर सत्र न्यायालय रेप एंड पॉक्सो प्रथम एटा द्वारा खारिज की जा चुकी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अभियुक्त राजकुमार खांडे अपने अन्य साथियों मुस्कान रूबी रक्षा के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाकर परफेक्ट साथी डॉट कॉम छत्तीसगढ़ के नाम से एक फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाता था। यह लोग लोगों से शादी कराने का झांसा देकर उनसे अपनी महिला साथियों के द्वारा फोन वार्ता करा कर पैसों की ठगी किया करते थे। ऐसा ही एक मामला कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी योगेश विश्वकर्मा के साथ भी हुआ था।
योगेश द्वारा परफेक्ट साथी डॉट कॉम पर विवाह हेतु आवेदन किया गया था। जिसके बाद अभियुक्त राजकुमार द्वारा योगेश से रजिस्ट्रेशन के नाम पर ₹10000 जमा कराए गए। उसके बाद अपनी ही एक महिला साथी मुस्कान को काजल बना कर उनसे बात कराई गई। जिसने कई दिनों तक योगेश से काजल बन कर बात की। काजल ने योगेश को सुनीता नाम की लड़की से फोन पर परिचय कराया। जिसके बाद सुनीता और योगेश की मीटिंग के लिए समय तय किया गया, तय समय पर सुनीता द्वारा योगेश से फोन पर बताया गया कि उसके पिता की तबीयत बहुत खराब है अस्पताल में है ऑपरेशन कराना पड़ेगा पैसों की जरूरत है। मानवता के नाते योगेश ने इलाज में मदद करने हेतु सुनीता के कहे अनुसार मैरिज ब्यूरो के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। जिसके बाद यह सिलसिला कई दिनों तक चला। इस प्रकार योगेश को फर्जी कहानी सुना कर करीब 115000 रुपए की ठगी की गई। बाद में मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया गया तब योगेश को कुछ शक हुआ और उनके द्वारा पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई ।जांच उपरांत संपूर्ण मामले का खुलासा हुआ।पुलिस विवेचना में प्रकाश में आया की पीड़ित योगेश से सुनीता बनकर अभियुक्त राजकुमार की साथी रक्षा ही बात किया करती थी। सुनीता नाम की कोई लड़की थी ही नहीं। जिस अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कराया गया। वह अकाउंट अभियुक्त राजकुमार का था। एटा पुलिस की कड़ी मेहनत के बाद उक्त मामले में अभियुक्त राजकुमार मुस्कान रक्षा व रूबी की गिरफ्तारी हुई व उनके पास से पीड़ित योगेश से ठगी करने में प्रयोग किया गया मोबाइल सहित कई फर्जी सिम कंप्यूटर अन्य सामान बरामद हुआ।
सबसे पहले अभियुक्त मुस्कान रक्षा ब रूबी के द्वारा अपनी जमानत याचिकाए प्रस्तुत की गई। जो न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश रेप एंड पॉक्सो प्रथम एटा के द्वारा खारिज कर दी गई। जिसके बाद मुख्य अभियुक्त राजकुमार खंडे के द्वारा अपनी जमानत याचिका प्रस्तुत की गई किंतु न्यायालय के समक्ष उसकी कोई दलील काम नहीं आई और उस की जमानत याचिका भी अपर सत्र न्यायालय रेप एंड पॉक्सो प्रथम एटा द्वारा खारिज कर दी गई। दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात राजकुमार पांडे की जमानत याचिका खारिज करते हुए अपने आदेश में अपर सत्र न्यायाधीश रेप एंड पॉक्सो प्रथम एटा कुमार गौरव द्वारा यह मत व्यक्त किया गया कि अभियुक्तों द्वारा किया गया अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है तथा संपूर्ण समाज के विरुद्ध है। अभियुक्त राजकुमार खाण्डे की जमानत याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक तिवारी द्वारा प्रस्तुत की गई जब कि शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता नितिन चंद्रेश शर्मा ने जमानत याचिका का विरोध किया।