क्या सिर्फ रिकार्ड बनाने को लगाएं जाते है पौधे

पत्ते की बात

क्या सिर्फ रिकार्ड बनाने को लगाएं जाते है पौधे

हर वर्ष प्रदेश में बृक्षारोपण को लेकर एक नया रिकॉर्ड बनता है।
इस वर्ष भी 25 लाख पौधे लगाने का रिकार्ड बनाने की चर्चा सुर्खिया बिटोरने को पंख लग रहा।

पिछले वर्ष लगे पौधे नहीं आ रहें नजर

पर आप को पता है कि पिछले वर्षों में भी यह पौधे लगे थे, तब भी एक रिकॉर्ड बना था। क्या वे पौधे आप को कहीं दिख रहा।

पौधे लगाएं तो उसे बचाये भी

पौधे लगाने से महत्वपूर्ण पौधों को बचाना है। सिर्फ रिकार्ड के लिए सरकारी धन (जो आम आदमी का पैसा है।) उसे बर्बाद करना हमारा उद्देश्य नहीं होना चाहिए।

उदाहरण

हर वर्ष मेरे गाँव सहित आसपास के गांवों में सड़क किनारे हजारों पौधे लगाएं जाते है, उसके निगरानी के लिए मजदूर भी रखे जाते है, लेकिन महीना भी नहीं बीतता बकरी, भैस व दूसरे पशु उसे चट कर जाते है। यानी कागज में जबरजस्त सुरक्षा होती है, पर धरातल पर …..? इस तरह सबकुछ समाप्त (सरकारी पैसा भी और निगरानी भी)

पौधों के खरीद में हेराफेरी

सच कहें तो पौधे के खरीद में भी जबरजस्त हेरा फेरी होती है। चाहे पौधे के प्रजाति की हो, उसके कीमत या फिर संख्या की। सब गोलमाल (गांवों में आये पौधों की संख्या और कागज के आंकड़ों में अंतर भी जबरजस्त) ऐसे में रिकार्ड बनना ….?

अब तक लगाए गये पौधों का रिकार्ड है

अब तक सरकारी धन खर्च कर ग्राम पंचायतों के माध्यम से जी पौधे लगाए गए है, उसका रिकार्ड सम्बंधित विभाग, ग्राम पंचायत व अन्य संस्थाओं के पास है। पूर्व में कितनी संख्या में पौधे लगे, कहा लगे, कितने पौधे जीवित है। इसपर भी मंथन करने की आवश्यकता है। सिर्फ …..?

पौधे बचाये – खुद के जीवन को सुरक्षित करें

आपको और हमारे देखने मे यह एक मात्र सरकारी योजना है, लेकिन सरकार यह अभियान हमारे जीवन को सुरक्षित करने के उद्देश्य से चलाती है। हमें ऑक्सीजन इन्हीं पौधों से मिलता है। बीते डेढ़ वर्ष से जो कोरोना काल चल रहा, उसने आप को ऑक्सीजन की कीमत बता दी है। ऐसे में आप खुद आगे आये। कम से कम खुद के लिए परिवार में जितनी संख्या है, उतना पौधा परिवार के सदस्यों के साथ खुद लगाए।

सुझाव

सरकार को चाहिए कि वह पौधों को ग्रामीणों में वितरित कर उन्हें उसे अपने जमीन में लगाने को प्रोत्साहित करें, इससे पौधे भी बचेंगे और पौधा लगाने के मद में खर्च होने वाला धन भी।

आइये हम भी एक कदम बढ़े, खुद के लिए एक पौधा लगाएं और इस अभियान को सफल बनायें। *आदर सहित* ????????????????????

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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