
एटा। जो मंजर आप देख रहे हैं यह वार्ड नंबर 16 के मुख्य और इकलौते बचे हुए मार्ग का है जो डाकबंगलिया से अवागढ़ हाउस (कमला नगर) को मिलाता है तथा जीटी रोड के मिनी बाईपास का भी काम करता है यह नजारा 2 दिन पहले हुई 20 मिनट की बारिश का है जब 2 दिन बाद यह स्थिति है तो उस दिन क्या आलम रहा होगा? एक तो वैसे ही मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य के चलते हुए इस क्षेत्र की दुर्दशा हो रखी है सारी पुलिया टूटी पड़ी है और इकलौता मार्ग उबड़ खाबड़ पड़ा हुआ है जिससे कि आए दिन यहां दुर्घटनाएं होती हैं राहगीर चाहे वह मोटरसाइकिल सवार हो या पैदल वाले हो गिरते रहते हैं और घायल होते रहते हैं उक्त दृश्य भी उन्हीं में से एक है।
कहां है हमारे माननीय और जनप्रतिनिधि महोदय जिनको चुनाव के वक्त केवल सबका साथ विकास और विकास की आंधी याद आती है और कहां है हमारा मलेरिया विभाग जो यह कहता है कि रुके हुए पानी में मलेरिया के मच्छर और उनके लारवा जन्म लेते हैं परंतु यहां तो रुके हुए गंदे पानी के साथ साथ नाली की सिल्ट व कीचड़ भी है।
मेरा शासन प्रशासन से भी अनुरोध है कि अगर करोना वायरस से जरा सी राहत मिल गई हो तो हल्की सी नजर इस क्षेत्र की समस्याओं पर डाल दी जाए क्योंकि और भी वायरस और बैक्टीरिया होते हैं जो सावधानी नहीं बरतने पर घातक व जानलेवा हो जाते हैं वैसे तो यहां के निवासी गण कई अधिकारियों का दौरा करवा चुके हैं जो कि आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं मेरा आप सभी पत्रकार भाइयों जिनमें मेरे कुछ बड़े भाई तथा कुछ छोटे भाई भतीजे भी हैं से अपील करता हूं कि इस खबर को शासन प्रशासन तक पहुंचाएं और इस क्षेत्र की समस्याओं से निजात दिलवाने में सहायता करें।