
आपदा में अवसर! कोरोना वैक्सीन बेचकर मालामाल हुईं कंपनियां, 3 महीने में ही बड़ा मुनाफा
फार्मास्युटिकल कंपनी फाइजर को इस साल कोरोना वैक्सीन की बिक्री से 26 अरब अमेरिकी डॉलर तक की कमाई की उम्मीद है. 2021 की पहली तिमाही के लिए यह मुनाफा जाहिर तौर पर एक साल पहले की तुलना में 44% अधिक है. इसी तरह, मॉडर्ना को 18.4 अरब अमेरिकी डॉलर कमाई की उम्मीद है और कंपनी इस साल अपना पहला लाभ दर्ज करेगी.
इससे कुछ लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इन बड़ी दवा कंपनियों के लिए महामारी के इस समय में मुनाफा कमाना सही है और वह भी तब जब इनकी प्रतिस्पर्धी कंपनियां जॉनसन एंड जॉनसन और एस्ट्राजेनेका गैर-लाभकारी आधार पर अपने टीके बेचने की प्रतिबद्धता जता चुकी हैं.
नैतिक आधार पर यह कहा जा सकता है कि महामारी के इस दौर में जब लॉकडाउन और सामाजिक प्रतिबंधों के कारण बहुत से उद्योग मंदी की मार झेल रहे हैं तो इतने बड़े पैमाने पर मुनाफा कमाना कहां तक उचित है.
दूसरी ओर, यह तर्क दिया जा सकता है कि दवा बनाने वाली कंपनियों की यह व्यावसायिक और सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह दुनिया को वैक्सीन उपलब्ध कराने के दौरान मुनाफा कमाने के अपने मॉडल का उपयोग करें. दरअसल, कॉरपोरेट कानून भी इस बात का समर्थन करता है.