
फर्जीवाड़ा: गेहूं खरीद में नाम किसी का, जमीन किसी और की
एटा- सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर गड़बड़ियों की शिकायतें शुरू से ही बनी हुई हैं। तहसील सदर क्षेत्र में ककरावली केंद्र पर जांच के दौरान गड़बड़ी उजागर हुई है। यहां खरीद के दौरान नाम किसी के दर्ज किए गए, जबकि जमीन किसी और की थी। विपणन विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। साथ ही अन्य क्रय केंद्रों का भी रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी नंद किशोर ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहित पीसीएफ के जिला प्रबंधक को पत्र भेजा है। बताया कि साधन सहकारी समिति ककरावली को लेकर शिकायतें मिलीं कि ऐसे कृषकों से गेहूं की खरीद की जा रही है, जिनके पास न तो भूमि है और न ही उनका नाम किसी रकबे में दर्ज है। इसी को लेकर बृहस्पतिवार को वह केंद्र पर पहुंचे। केंद्र प्रभारी से गेहूं खरीद के प्रपत्र मांगे, तो प्रभारी ने देने से मना कर दिया। जिसके बाद वह वापस आ गए।
शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए दस नामों का विवरण रजिस्ट्रेशन पोर्टल से प्राप्त किया। इस दौरान पाया गया कि रजिस्ट्रेशन जिन नामों से किए गए हैं, उनके नाम जमीन है ही नहीं। जमीन किसी और की है। दूसरे नाम से फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराया गया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि यह सब केंद्र प्रभारी, सचिव व बिचौलिए के आपसी सहयोग से किया जा रहा है। इसी प्रकार बटाईदार से लिए जाने वाले निर्धारित प्रपत्र भी केंद्र प्रभारी द्वारा नहीं लिए जा रहे हैं।