
खाकी के रौब में कवरेज के दौरान पत्रकार से सिपाही द्वारा की गई हाथापाई
देश के चतुर्थ स्तंभ के साथ कानून के रक्षक सिपाही द्वारा कवरेज के दौरान बदसलूकी व मारपीट करते हुए मोबाइल तोड़ा गया
प्रयागराज,मेजा :- एक ओर जहां केंद्र व राज्य की सरकारों ने पत्रकारों की सुरक्षा के वादे करती है,वहीं योगीराज में कवरेज के दौरान कानून के रक्षकों द्वारा पत्रकारो के साथ बदसलूकी, मारपीट, मोबाइल तोड़ना, झूठे मुकदमे लादना अक्सर देखने को मिलती है। क्या इस योगीराज में पत्रकारों के हित के जो वादे किए जाते हैं वह एकदम खोखले ही है जहां कानून के रक्षकों के द्वारा ही पत्रकारों पर जुल्म ढाया जा रहा है।
पूरा मामला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मेजा थाना अंतर्गत जवनियां चौकी का है जहां घटना की कवरेज करने गए राष्ट्रीय हिंदी दैनिक समाचार पत्र परमार्थ आवाज के सिटी क्राइम रिपोर्टर कृष्ण प्रकाश सिंह से कवरेज के दौरान जवनियां चौकी के सिपाही पुनीत शुक्ला द्वारा बिना कुछ कहे व रोके टोके पत्रकार के ऊपर हाथ छोड़ते हुए पत्रकार की मोबाइल सैमसंग नोट 20 प्लस जिसकी कीमत ₹ 90000 को दो बार पटक कर तोड़ डाला गया। जिसके बाद उक्त घटना की जानकारी चौकी इंचार्ज जवनियां आशुतोष दीक्षित को देना चाहा तो उनका मोबाइल बंद मिला। वहीं थाना प्रभारी मेजा द्वारा सीयूजी व उनके स्वयं के नंबर पर फोन किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ जिसके बाद क्षेत्राधिकारी मेजा को घटना की जानकारी दी गई जिसमें क्षेत्राधिकारी द्वारा उक्त प्रकरण को देख लेंगे की बात कहते हुए फोन काट दिया गया।
जब ऐसे दबंग कानून के रक्षकों द्वारा देश के चतुर्थ स्तम्भ के साथ व्यवहार किया जाता है तो वहीं आम जनमानस के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा। जिसके बाद उक्त प्रकरण का मामला जैसे ही अन्य पत्रकारों में पहुंचा तो पत्रकार संघ आक्रोश में आग बबूला हो गया जिसमें पत्रकारों द्वारा शासन प्रसाशन के उच्चाधिकारियों व वरिष्ठ पुलिस अथीक्षक से मांग करते हुए कहा कि उक्त प्रकरण को संज्ञान में ले कर जांच करते हुए न्यायोचित तरीके से विथिक कार्यवाही की मांग की है।