
एटा-कोरोना कर्फ्यू से ज्यादा प्रभावित होगी पब्लिक बर्षात के पानी और कीचड़ से–
एटा-नगरपालिका ने सफाई कर्मचारियों को निकालकर एटा को पूरी तरह नरक बना रखा है,बात कालोनियों की करे तो अरूणा नगर एक पौस कालोनी है,एकसे एक बढकर हस्तियों का निवास है पर सफाई रसूक जादों के आवासों पर होती है,बिसारिया पैथोलॉजी बाली रोडपर अच्छी खांसी सफाई कर्मचारी सफाई करते थे कूड़ा भी नियमित उठाया जा रहा था लेकिन कई महीनों से नगरपालिका ने वहां से कर्मचारियों को हटाकर रेलवेरोड पर भेज दिया, अब इस रोडपर कोईभी कर्मचारी सफाई करने नहीं आता है आपको अवगत करादे कि अरूणा नगर कालोनी मे पेड़ पौधे अधिक होने से कूड़ा भी अधिक होता है,अगर सुबह साम यहां दोनों बार सफाई हो तबभी कम होगी पर अबतो न कोई झाडू़ लगाने बाला है न कूड़ा उठाने बाला हां एक गाड़ी जरूर आती कुछ दिनों से वह घरों का कूड़ा जरूर मागती है,पर उनके ही पांव तले कूड़ा पड़ा रहे उठाते नहीं है,लोगों के अनुरोध पर हमने सफाई कर्मचारियों से और ठेकेदार से बात की कि आप यहां सफाई क्यों नहीं करते है तो ठेकेदार ने बताया कि मेम मुझे दो कर्मचारी दिये गये है मै उनसे कितना और कहां कहां काम करवा सकता हूं पीड़ित कर्मचारियों ने यहभी अवगत कराया कि कुछ कर्मचारियों को जब मुफ्त मे घर बैठे पगार मिल जाती है तो वह काम क्यों करेंगे माननीय पालिका से कहना जरूरी है कि वह अपने ब्यबहार पब्लिक के खून पसीने की कमाई पर ना निभाए और नाही कर्मचारियों और पब्लिक के साथ गेम खेले आज जुवानों के शिवाय न कही स्वच्छता दिखाई दे रही है न प्रोगरेस सीवर लाइन का फूहरपन पूरे एटा को नर्क बनाने मे क्या कम था ऊपर से सोने मे सुहागा यह गंदगी संक्रमित रोग बे कंट्रोल हो रहे है,इनकी रोकथाम के लिये कोई कोशिश तो कभी हुई नहीं ऊपर से इस गंदगी ने निमंत्रण और देरखा है बर्षात से पहले के आगाज हैं कि पब्लिक कोरोना कर्फ्यू से ज्यादा प्रभावित होकर घरों मे कैद होने को बिवस हो जाएगी सर्मनाक राजनीति।