जिला भाजपा की हार के कारण का आत्ममंथन

जिला भाजपा की हार के कारण का आत्ममंथन
एटा – सही तरीके से आंकलन नही हुआ ,हार का प्रमुख कारण है अति आत्म विश्वास या कहें over confidance यह हम और हमारे नेताओं का थिंक रहा ,लेकिन कारण दूसरा है ।
जो कार्यकर्ता वर्षो से क्षेत्र में रहकर कार्य किया उसे इन्ही संकलन कर्ताओं ने इग्नोर किआ ।
टिकट वितरण में गलती दर गलती का यह परिणाम रहा ।
टिकट ऐसे व्यक्ति को दिया गया जो एक दिन भी क्षेत्र में नहीं रहता, जबकि विपक्षी दल हारे या जीते हर समय मैदान में रहता है, उसी का परिणाम उसके पक्ष में ।
यह सबसे बड़ा कारण रहा ।
आप अगर मेहनत पूरे वर्ष भर करते हैं और आपको टिकट नहीं मिले,क्या परिणाम होगा आप सब लोग अच्छे से जानते हैं ।।
आप लोगों से गलती हुई जब आप लोगों ने क्षेत्र में काम किया तो आपलोगों को भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में होते तो परिणाम सुखद होता । क्योंकि आपने महसूस भी किया व देखा भी, सबसे ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवार ही विजय पा गए ।
चूँकि जब पार्टी का सिम्बल नही था तो सभी निर्दलीय उम्मीदवार ही थे, समर्थित अलग बात ।
इसलिए जो समय निकल गया उस पर न पछताओ आगे की तैयारी कर दो दमदारी से ।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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