वैक्सीन की इजाजत सबको क्यों नहीं, जानें सरकार का जवाब

*वैक्सीन की इजाजत सबको क्यों नहीं, जानें सरकार का जवाब* नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मंगलवार को इसकी वजह बता दी है कि हर उम्र के लोगों को कोविड वैक्सीन लगवाने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही है। बता दें कि कम से कम दो मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार से इसकी अनुमति देने की मांग की थी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे चाहते थे कि उन्हें सभी व्यस्कों को वैक्सीन लगाने की इजाजत दे दी जाए। लेकिन, केंद्र सरकार ने इस आइडिया को सिरे से खारिज करते हुए बाकायदा उसकी पुख्ता वजहें बता दी हैं। Corona Vaccination In India : वैक्सीन की इजाजत सबको क्यों नहीं, जानें सरकार का जवाब | जिन्हें सबसे ज्यादा जरूरी उन्हें पहले लग रही है वैक्सीन-सरकार सभी उम्र के लोगों को एकसाथ वैक्सीन नहीं लगाने के कारणों का खुलासा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है, ‘कोशिश यह है कि जिनकी मौत का ज्यादा खतरा है, उनको पहले सुरक्षित किया जाए। लक्ष्य पहले सबसे ज्यादा जोखिम वाले लोगों को सुरक्षित करने का है। यह लक्ष्य कभी नहीं रहा है कि जो वैक्सीन लगवाना चाहते हैं उन्हें लगा दिया जाए, बल्कि हमेशा से यह कोशिश है कि जिन्हें सबसे ज्यादा जरूरत है उन्हें लगाई जाए।’ केजरीवाल और ठाकरे की ओर से वैक्सीनेशन के लिए उम्र का दायरा बढ़ाने की मांग पर केंद्र ने यह जवाब दिया है। इस मांग पर नीति आयोग के सदस्य-स्वास्थ्य वीके पॉल ने सवाल किया है, ‘जब हम सबको वैक्सीनेशन की बात करते हैं तो महामारी को कंट्रोल करने पर से हमारा फोकस कम हो जाता है। क्या आपने किसी देश के बारे में सुना है जो 45 साल से कम को वैक्सीन लगा रहे हैं।’ उन्होंने कहा है, ‘हमें कोविड के मुताबिक उचित बर्ताव और उसकी रोकथाम के उपायों पर ध्यान देना होगा। जब सबको लगाने का समय आएगा तो हम देंगे।’ ‘ *इतिहास लिखा जाएगा, मौतों का आंकड़ा सबसे अहम होगा।’* डॉक्टर पॉल ने बताया कि टीकाकरण को हमें वैज्ञानिक नजरिए देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘हम अपनी वैक्सीन के उत्पादन की रफ्तार को लेकर भाग्यशाली हैं, हम इसके महत्व को कम नहीं कर सकते। अभी तक ऐसा कोई रिसर्च सामने नहीं आया है कि हर्ड इम्युनिटी कब और कितनी तेजी से विकसित होती है….. इस सवाल का जवाब अभी सामने नहीं आया है। लेकिन, हम इतना जरूर जानते हैं कि आज जितनी भी वैक्सीन दी जा रही है, उससे मौत और बीमारी की गंभीरता की आशंका कम हो जाती है। यही प्राथमिकता है।’ अधिकारियों ने इसके लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूके में चरणबद्ध तरीके से हो रहे वैक्सीनेशन का हवाला दिया, ‘यूके में विभिन्न चरणों में 9 अलग ग्रुप को शामिल किया गया। स्विटजरलैंड ने सिर्फ 65 से ऊपर वालों को वैक्सीन लगाया।……….जब भी हमारा इतिहास लिखा जाएगा, मौतों का आंकड़ा सबसे अहम होगा।’

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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